
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) आज औपचारिक रूप से नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित होगा। इस ऐतिहासिक बदलाव का उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री करेंगे। लंबे समय से सत्ता संचालन का केंद्र रहा साउथ ब्लॉक अब प्रशासनिक दृष्टि से नई भूमिका में नजर आएगा।
नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ को आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेहतर सुरक्षा व्यवस्थाओं से लैस किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी। अधिकारियों के अनुसार, नए परिसर में टेक्नोलॉजी आधारित कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी गई है।
स्थानांतरण से पहले साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। यह इमारत करीब 78 वर्षों तक देश की सत्ता और नीति-निर्माण का प्रमुख केंद्र रही है। आजादी के बाद से यहीं से कई बड़े राष्ट्रीय फैसले लिए गए, जिनका असर देश की दिशा और दशा पर पड़ा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि PMO का ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होना केवल भवन परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव का संकेत भी है। आने वाले समय में यह कदम सरकार की कार्यशैली और निर्णय क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।









