
मैहर, 5 अक्टूबर 2026। रामनगर अनुभाग क्षेत्र में जमीन के सीमांकन को लेकर एक आवेदक द्वारा लंबे समय से तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सीमांकन के लिए आवेदन किए वर्षों बीत गए, लेकिन अब तक मौके पर सीमांकन नहीं हो सका। शिकायतकर्ता का कहना है कि नायब तहसीलदार की ओर से संबंधित पटवारी को कई बार मौखिक रूप से निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नायब तहसीलदार के निर्देश के बाद भी नहीं हुआ सीमांकन
शिकायत के मुताबिक जमीन के सीमांकन के लिए संबंधित व्यक्ति ने राजस्व विभाग में आवेदन किया था। लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने के बाद उसने अधिकारियों से संपर्क किया। रिपोर्ट के अनुसार, नायब तहसीलदार ललित धार्वे ने सीमांकन के संबंध में संबंधित पटवारी को कई बार निर्देशित किया।
बताया गया है कि नायब तहसीलदार ने फोन के माध्यम से तीन बार तथा एक बार प्रत्यक्ष रूप से सीमांकन करने के निर्देश दिए। इसके अलावा रोशनलाल रावत की ओर से भी फोन पर संपर्क कर संबंधित कर्मचारी को बुलाकर सीमांकन के लिए कहा गया। इसके बावजूद शिकायतकर्ता के अनुसार आज तक जमीन का सीमांकन नहीं हुआ है।
हालांकि, इन निर्देशों की प्रकृति और उनके लिखित रूप में दर्ज होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसी तरह संबंधित पटवारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। इसलिए मामले में विभागीय रिकॉर्ड और दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
यह भी पढ़े: भोपाल में 6 अक्टूबर को CM Youth Conclave, 20 हजार युवाओं से संवाद करेंगे मोहन यादव
वर्षों से चक्कर लगाने का आरोप, राजस्व व्यवस्था पर सवाल
सीमांकन भूमि से जुड़े महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों में शामिल है। जमीन की वास्तविक स्थिति, सीमा और कब्जे को लेकर विवाद की स्थिति में सीमांकन की प्रक्रिया अहम मानी जाती है। ऐसे में यदि किसी आवेदन पर लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होती है तो इससे आवेदक को परेशानी के साथ जमीन संबंधी विवाद बढ़ने की आशंका भी रहती है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह सीमांकन के लिए लंबे समय से कार्यालय के चक्कर लगा रहा है और अधिकारियों के निर्देश के बावजूद संबंधित कर्मचारी की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में अब वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों से जांच और सीमांकन की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग की जा रही है।
मैहर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर रामनगर के राजस्व प्रशासन से जुड़े अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध है।
अब सवाल यह है कि यदि सीमांकन का आवेदन वास्तव में लंबे समय से लंबित है और संबंधित अधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए थे, तो कार्रवाई में देरी की वजह क्या रही। मामले में संबंधित पटवारी और राजस्व अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
यह भी पढ़े: दिल्ली-NCR में महिलाओं की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूछा- अपराध रोकने के लिए पुलिस ने क्या किया
- ramnagar-maihar-land-demarcation-pending








