
सागर/ मनीष कुमार चौबे: देवरी तहसील के ग्राम पंचायत रसेना में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। नई स्कूल बिल्डिंग का निर्माण शुरू नहीं होने और पीने के पानी की समस्या से परेशान सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने महाराजपुर-सहजपुर-केसली मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। बच्चों के सड़क पर बैठ जाने से मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
नई बिल्डिंग स्वीकृत, फिर भी निर्माण का इंतजार
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि स्कूल के लिए नई बिल्डिंग की स्वीकृति काफी समय पहले हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं कराया गया है। भवन के अभाव में विद्यार्थियों को सीमित और जर्जर व्यवस्था के बीच पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
छात्रों का आरोप है कि स्कूल भवन का निर्माण लंबे समय से अधर में पड़ा है। उनका कहना है कि बार-बार समस्या जिम्मेदारों के सामने रखने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
पानी के लिए भी परेशान विद्यार्थी
छात्रों के प्रदर्शन की दूसरी बड़ी वजह स्कूल में पेयजल की समस्या है। विद्यार्थियों का आरोप है कि स्कूल परिसर में जिस सरकारी नल से पानी की व्यवस्था होती थी, उस पर गांव के ही एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कब्जा कर रखा है।
छात्रों के मुताबिक इसके चलते स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को पर्याप्त पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच पानी की व्यवस्था करना विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
सड़क पर बैठे छात्र, दोनों तरफ लगा जाम
स्कूल की समस्याओं को लेकर नाराज छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए। उन्होंने महाराजपुर-सहजपुर-केसली मार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया।
छात्रों के प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अचानक हुए इस प्रदर्शन से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक हलचल भी बढ़ गई।
लिखित आश्वासन की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा। उनकी मांग है कि स्कूल की स्वीकृत नई बिल्डिंग का निर्माण तत्काल शुरू कराया जाए और सरकारी नल को कथित कब्जे से मुक्त कराकर स्कूल में पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए।
छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को लेकर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन खत्म करने को लेकर वे तैयार नहीं हैं।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
रसेना में छात्रों के चक्काजाम ने शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर स्वीकृत भवन का निर्माण शुरू नहीं होने का मुद्दा है, तो दूसरी ओर विद्यार्थियों के लिए पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा की समस्या सामने आई है।
अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्याओं को सुने और संबंधित विभागों से समन्वय कर उनका जल्द समाधान कराए।
बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा का सवाल
स्कूल भवन की स्थिति और पानी की कमी जैसी समस्याएं सीधे विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुविधाओं से जुड़ी हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें बेहतर वातावरण में पढ़ाई करने का अधिकार है और स्कूल में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
फिलहाल रसेना में छात्रों के प्रदर्शन के बाद सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। क्या स्वीकृत स्कूल भवन का निर्माण अब जमीन पर शुरू होगा और क्या विद्यार्थियों को नियमित पेयजल की सुविधा मिलेगी—यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
नोट: स्कूल भवन के निर्माण में देरी और सरकारी नल पर कथित कब्जे से जुड़े आरोप स्थानीय छात्रों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
ये भी पढ़े – शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, आरोपी गिरफ्तार
- rasena-school-building-water-crisis-students-road-blockade-deori-sagar











