
सार
नाह़रु खान|रतलाम। जिले में सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और जनजागरूकता को लेकर रतलाम पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पुलिस के अनुसार ऑपरेशन मुस्कान के तहत वर्ष 2015 से 2026 तक 3,783 गुम या अपहृत बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई, जिसकी दर 97.87 प्रतिशत बताई गई है। वहीं वर्ष 2026 में 31 अगस्त तक 305 बच्चों को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया गया। दूसरी ओर ऑपरेशन सुरक्षा कवच के तहत जनसहयोग से बाजना थाना क्षेत्र में प्रमुख मार्गों और चौराहों पर 17 नए CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मॉनिटरिंग थाना बाजना से की जाएगी। इसके अलावा दो बत्ती चौपाटी पर यातायात पुलिस ने हेलमेट जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर करीब 100 दोपहिया वाहन चालकों को निशुल्क हेलमेट वितरित किए और यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई।
विस्तार
पुलिस मुख्यालय के निर्देश और पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन में जिले में बच्चों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर अलग-अलग स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनसहयोग के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और आमजन में जागरूकता बढ़ाना है।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत रतलाम पुलिस गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की शीघ्र तलाश कर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों और थाना प्रभारियों को ऐसे मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बच्चों की जल्द से जल्द दस्तयाबी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2015 से 2026 तक जिले में कुल 3,783 गुम या अपहृत बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। पुलिस ने इसे कुल प्रकरणों की तुलना में 97.87 प्रतिशत दस्तयाबी दर बताया है। आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई के बाद बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंपा गया।
वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 31 अगस्त तक कुल 305 बालक-बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब किया गया। इनमें 17 बालक और 288 बालिकाएं शामिल हैं। माहवार आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 15, फरवरी में 45, मार्च में 32, अप्रैल में 64, मई में 36, जून में 44, जुलाई में 42 और अगस्त में 28 बच्चों को दस्तयाब किया गया। पुलिस टीमों ने मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के अलावा गुजरात, राजस्थान और अन्य राज्यों से भी बच्चों को सुरक्षित बरामद किया।
पुलिस के मुताबिक बच्चों की तलाश के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, साइबर संसाधनों और मुखबिर तंत्र का उपयोग किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गुम एवं अपहृत बच्चों से संबंधित प्रत्येक सूचना को गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया जाए तथा तलाश में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
इसी क्रम में ऑपरेशन सुरक्षा कवच के तहत जनसहयोग से बाजना थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। बाजना सरपंच रामजी निनामा एवं स्थानीय जनसहयोग से क्षेत्र में कुल 17 नए CCTV कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे प्रमुख मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में पुलिस की मदद करेंगे।
पुलिस के अनुसार बिरसा मुंडा तिराहे पर 2, जीरो प्वाइंट तिराहे पर 3, नए बस स्टैंड पर 3, रावटी-कुशलगढ़ रोड चौराहे पर 2, कुशलगढ़ रोड स्थित हनुमान मंदिर पर 2, गुजरी मोहल्ले में 2 और कर्नाटक चौराहे पर 3 CCTV कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों की मॉनिटरिंग थाना बाजना से की जाएगी।
CCTV नेटवर्क के जरिए संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ अपराध होने की स्थिति में घटनास्थल से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने और संदिग्धों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिलने की उम्मीद है। रतलाम पुलिस के अनुसार जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी जनसहयोग से लगाए गए CCTV कैमरों की मदद से चोरी, वाहन चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में संदिग्धों की पहचान तथा मामलों के खुलासे में सहायता मिली है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने घर, दुकान, प्रतिष्ठान और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाएं। कैमरों की दिशा इस तरह रखी जाए कि सड़क, प्रवेश-निकास मार्ग और आसपास के महत्वपूर्ण हिस्से निगरानी में रहें। पुलिस का कहना है कि नागरिकों की ओर से लगाए गए कैमरे व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी यातायात पुलिस ने दो बत्ती चौपाटी पर हेलमेट अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य वाहन चालकों को हेलमेट के महत्व और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान करीब 100 दोपहिया वाहन चालकों को निशुल्क हेलमेट वितरित किए गए और उन्हें भविष्य में हमेशा हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश पंद्रो, नगर पुलिस अधीक्षक श्री सत्येंद्र घनघोरिया और डीएसपी ट्रैफिक श्री आनंद सोनी मौजूद रहे। अधिकारियों ने वाहन चालकों को संबोधित करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर लगने वाली चोट जानलेवा हो सकती है और हेलमेट ऐसी चोटों के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यातायात पुलिस ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस ने शहरवासियों से अपील की कि वे स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें और दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें।
इस तरह रतलाम पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान, ऑपरेशन सुरक्षा कवच और हेलमेट जागरूकता अभियान के जरिए बच्चों की सुरक्षित वापसी, जनसहयोग से निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और सड़क सुरक्षा के प्रति नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस का संदेश है कि जनसहयोग से सुरक्षा मजबूत होगी और सामूहिक जागरूकता से अपराध तथा सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।
ये भी पढ़े – चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया दौरा, राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश
- ratlam-police-operation-muskaan-305-children-cctv-security-kavach-helmet-awareness











