Robots With Human-Like Eyes Technology – इंसानों जैसी आंखों वाली मशीनों की तकनीक क्या है

रोबोट्स को इंसानों जैसी “देखने की क्षमता” देने वाली तकनीक आज वैश्विक रोबोटिक्स क्रांति का केंद्र बन चुकी है। चीन की 3D-विजन कंपनी Orbbec ने ऐसे सेंसर विकसित किए हैं जो मशीनों को गहराई (depth) और दूरी का आकलन करने में सक्षम बनाते हैं—ठीक वैसे ही जैसे मानव आंखें करती हैं। यही तकनीक ह्यूमनॉइड रोबोट्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और सर्विस रोबोट्स में तेजी से अपनाई जा रही है। रोबोटिक्स सेक्टर के उछाल के साथ यह “रोबोटिक आंखें” उद्योग अरबों-खरबों डॉलर के संभावित बाजार की ओर बढ़ रहा है।

इस क्रांति के पीछे कंपनी के संस्थापक चीनी इंजीनियर Howard Huang की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक साइंस-फिक्शन फिल्म में रोबोट्स को मानव जैसी दृष्टि के साथ दिखाए जाने से वे गहराई-सेंसिंग तकनीक पर काम करने के लिए प्रेरित हुए। 2013 में उन्होंने Orbbec की स्थापना की और अपना लक्ष्य रखा—“3D दुनिया के लिए 3D विज़न”। आज उनके सेंसर ह्यूमनॉइड रोबोट्स को नेविगेशन, ऑब्जेक्ट पहचान और इंटरैक्शन में सक्षम बनाते हैं, जिससे वे वास्तविक दुनिया में काम कर सकते हैं।

 

Orbbec के 3D कैमरे RGB-D तकनीक का उपयोग करते हैं, जिसमें सामान्य रंग छवि के साथ गहराई डेटा भी मिलता है। इससे रोबोट्स वस्तुओं की दूरी माप सकते हैं, बाधाओं से बच सकते हैं और सटीक पकड़ (grasping) कर सकते हैं। यही तकनीक चीन के उभरते ह्यूमनॉइड रोबोट्स—जैसे Tiangong Ultra और अन्य औद्योगिक मशीनों—में उपयोग हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोटिक्स के बढ़ते उपयोग के साथ 3D-विजन सेंसर “AI-रोबोट्स का इंफ्रास्ट्रक्चर” बन चुके हैं, ठीक वैसे जैसे AI में GPU की भूमिका है।

  • Gaurav Singh

    Gaurav Singh

    Related Posts

    AI पर फोकस के बीच Meta में बड़े स्तर पर छंटनी की खबर

    सार दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक Meta Platforms में बड़े स्तर पर कर्मचारियों…

    आगे पढ़ें
    मेमोरी और GPU महंगे होने का असर: लैपटॉप-डेस्कटॉप की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी संभव

    सार वैश्विक स्तर पर कंप्यूटर हार्डवेयर के दाम बढ़ने का असर अब भारत में भी दिखाई…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    धर्मांतरण के खिलाफ केंद्र में बने कड़ा कानून: राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी की मांग

    धर्मांतरण के खिलाफ केंद्र में बने कड़ा कानून: राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी की मांग

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?