आरपीजी ग्रुप का एमपी में बड़ा निवेश प्लान, 4 शहरों में संभावनाएं

मध्यप्रदेश में नए निवेश को लेकर आरपीजी समूह ने अपनी रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका के बीच मुंबई में हुई बैठक में विद्युत पारेषण, टायर निर्माण और आईटी क्षेत्र में संभावित परियोजनाओं पर चर्चा हुई। जबलपुर, रतलाम, सागर और उज्जैन को अलग-अलग निवेश गतिविधियों के लिए संभावित स्थानों के तौर पर देखा जा रहा है।

जबलपुर में ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की तैयारी

बैठक में जबलपुर में विद्युत पारेषण क्षेत्र में निवेश की संभावना पर चर्चा हुई। आरपीजी समूह ने यहां ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजना में रुचि दिखाई है। इस दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक सुविधाओं, भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध कार्यबल और निवेश से जुड़ी नीतियों पर भी बातचीत हुई।

आरपीजी समूह की प्रमुख कंपनियों में केईसी इंटरनेशनल शामिल है, जो विद्युत पारेषण क्षेत्र में काम करती है। कंपनी का मध्यप्रदेश में पहले से कारोबारी जुड़ाव भी रहा है। ऐसे में जबलपुर में नए निवेश की संभावना राज्य के औद्योगिक विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

तीन शहरों में टायर प्लांट के विकल्प

टायर निर्माण इकाई के लिए समूह ने रतलाम, सागर और जबलपुर को संभावित विकल्पों के तौर पर चर्चा में रखा है। इन स्थानों पर उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं, कच्चे माल और जरूरी संसाधनों का आकलन किया जा सकता है। इसके बाद निवेश के लिए उपयुक्त स्थान और परियोजना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया तय होगी। यदि प्रस्तावित टायर इकाई स्थापित होती है तो इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और सहायक उद्योगों के लिए अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि फिलहाल यह योजना संभावित निवेश के स्तर पर है और अंतिम निर्णय आगे के आकलन के बाद लिया जाएगा।

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उज्जैन के आईटी पार्क पर भी नजर

आरपीजी समूह ने आईटी क्षेत्र में निवेश के लिए उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क की सुविधाओं पर भी चर्चा की। समूह की टीम संभावित स्थानों का दौरा कर वहां उपलब्ध बुनियादी ढांचे और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन करेगी।

बैठक में प्लग-एंड-प्ले सुविधा का विकल्प भी सामने आया। इसका मतलब है कि तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके आईटी गतिविधियां अपेक्षाकृत तेजी से शुरू की जा सकती हैं। जमीन, आवश्यक मंजूरियों और निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। सरकार ने एकल-खिड़की व्यवस्था के जरिए परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग का भरोसा दिया है।

चार शहरों में निवेश से बढ़ सकती हैं औद्योगिक गतिविधियां

आरपीजी समूह की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में संभावित निवेश की तलाश मध्यप्रदेश के औद्योगिक विस्तार के लिहाज से अहम है। समूह के प्रमुख कारोबार में केईसी इंटरनेशनल, सीएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। समूह पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर, टायर और आईटी जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। जबलपुर, रतलाम, सागर और उज्जैन में संभावित परियोजनाओं से निवेश के साथ रोजगार और स्थानीय सप्लाई चेन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि अभी परियोजनाएं शुरुआती चर्चा और आकलन के चरण में हैं।

आरपीजी समूह ने मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन, टायर निर्माण और आईटी क्षेत्र में संभावित निवेश को लेकर रुचि दिखाई है। जबलपुर में ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट, रतलाम-सागर-जबलपुर में टायर प्लांट और उज्जैन में आईटी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई है। अब संबंधित स्थानों के आकलन और आगे की प्रक्रिया के बाद इन परियोजनाओं की तस्वीर साफ होगी।

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Srota Swati Tripathy

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