
शादी डॉट कॉम के संस्थापक और निवेशक अनुपम मित्तल (Anupam Mittal) ने Gen Z के बार-बार नौकरी बदलने को लेकर चल रही आलोचनाओं पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को जॉब स्विच करने के लिए शर्मिंदा करना बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि आज के दौर में करियर को पुराने नजरिए से देखना गलत है।
अनुपम मित्तल ने नौकरियों की तुलना डेटिंग (Dating) से करते हुए कहा कि जैसे लोग सही पार्टनर खोजने से पहले अलग-अलग रिश्तों को समझते हैं, वैसे ही करियर में भी सही भूमिका और कंपनी खोजने में समय लगता है।
💬 Jobs ≠ Marriage, Jobs = Dating: Anupam Mittal
अपने बयान में अनुपम मित्तल ने कहा:
- नौकरी अब लाइफटाइम कमिटमेंट नहीं रही
- हर जॉब एक सीख और अनुभव देती है
- सही फिट मिलने तक बदलाव स्वाभाविक है
उनके मुताबिक, Gen Z सिर्फ सैलरी के लिए नहीं, बल्कि:
- सीखने के अवसर
- वर्क-लाइफ बैलेंस
- ग्रोथ और मीनिंगफुल वर्क
को प्राथमिकता देती है।
📊 Gen Z क्यों जल्दी Job Switch करती है?
करियर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि Gen Z के जॉब बदलने के पीछे कई वजहें हैं:
- तेज़ी से बदलता जॉब मार्केट
- स्किल-बेस्ड इकोनॉमी
- स्टार्टअप और गिग कल्चर
- रिमोट और फ्लेक्सिबल वर्क
- मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता
अनुपम मित्तल का कहना है कि इसे अस्थिरता नहीं, समझदारी के तौर पर देखा जाना चाहिए।
🏆 Success का ‘Winning Formula’ क्या बताया?
अनुपम मित्तल ने युवाओं के लिए सफलता का एक साफ फॉर्मूला भी साझा किया:
✔ जल्दी सीखो
✔ ईगो नहीं, स्किल बढ़ाओ
✔ सही समय पर सही फैसला लो
✔ जॉब नहीं, करियर बनाओ
✔ खुद को लगातार अपग्रेड करते रहो
उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में लॉयल्टी से ज्यादा वैल्यू क्रिएशन मायने रखती है।
🌍 Corporate Mindset बदलने की ज़रूरत
उनका मानना है कि:
- कंपनियों को भी अपना नजरिया बदलना होगा
- Resume में बार-बार जॉब बदलना अब नेगेटिव नहीं
- Talent retention का मतलब flexibility देना है
Gen Z कर्मचारियों से उम्मीद है कि वे सिर्फ काम नहीं, बल्कि आइडिया और इनोवेशन भी लाएं।
🧠 Social Media पर क्या रही प्रतिक्रिया?
अनुपम मित्तल के इस बयान को:
- युवाओं का जबरदस्त समर्थन मिला
- कई प्रोफेशनल्स ने इसे “Reality Check” बताया
- कुछ लोगों ने कहा कि यह Modern Career Thinking को दर्शाता है
🏁 निष्कर्ष
Gen Z का बार-बार नौकरी बदलना कमजोरी नहीं, बल्कि बदलते दौर की पहचान है।
अनुपम मित्तल का यह बयान इस बात पर जोर देता है कि करियर को अब पुराने नियमों से नहीं, बल्कि नई सोच और लचीलापन के साथ समझने की ज़रूरत है।









