
देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Tata Motors ने अपने ग्राहकों को एक और झटका देते हुए 1 जुलाई 2026 से कमर्शियल वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने बताया है कि उसके ट्रक, बस और अन्य वाणिज्यिक वाहनों की कीमतों में अधिकतम 2.5 प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी। यह बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट के अनुसार अलग-अलग होगी। कंपनी का कहना है कि उत्पादन लागत और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण यह फैसला लेना आवश्यक हो गया है।
टाटा मोटर्स के अनुसार स्टील, धातु और अन्य औद्योगिक कच्चे माल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे निर्माण लागत पर दबाव बढ़ा है। कंपनी ने कहा कि वह लंबे समय से लागत का बड़ा हिस्सा स्वयं वहन कर रही थी, लेकिन अब बढ़ते खर्च का कुछ भार ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो गया है। नई कीमतें 1 जुलाई से लागू होंगी और पूरे कमर्शियल वाहन पोर्टफोलियो पर प्रभाव डालेंगी।
गौरतलब है कि यह वर्ष 2026 में टाटा मोटर्स द्वारा की गई दूसरी मूल्य वृद्धि है। इससे पहले अप्रैल 2026 में कंपनी ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी। अब जुलाई से लागू होने वाली नई वृद्धि के साथ परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के कारोबारियों की लागत और बढ़ सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती परिचालन लागत का असर मालभाड़े और परिवहन सेवाओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में टाटा मोटर्स ने अपनी यात्री कारों और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में भी 1.5 प्रतिशत तक वृद्धि की घोषणा की थी। ऐसे में कंपनी लगातार बढ़ती लागत और वैश्विक आर्थिक दबावों से निपटने के लिए कीमतों में संशोधन कर रही है। ऑटोमोबाइल सेक्टर की अन्य कंपनियां भी हाल के महीनों में इसी तरह के कदम उठा चुकी हैं, जिससे वाहन उद्योग में कीमतों का दबाव बना हुआ है।
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