
सार
धर्मेंद्र सिंह लोधी | टीकमगढ़ में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन और प्रगति को लेकर सागर संभागायुक्त दिलीप कुमार ने समीक्षा की। उन्होंने योजना से जुड़े शेष कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने, दावे-आपत्तियों का पारदर्शी तरीके से निराकरण करने और पात्र हितग्राहियों को अधिकार अभिलेखों का वितरण प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और हर सप्ताह जिला एवं संभाग स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी।
विस्तार
टीकमगढ़ में सागर संभागायुक्त दिलीप कुमार ने स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में संभाग के विभिन्न जिलों के कलेक्टर, राजस्व अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। सागर संभाग में टीकमगढ़ समेत सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना और निवाड़ी जिले शामिल हैं।
समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने स्वामित्व योजना के तहत शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की बाधा सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि योजना का लाभ पात्र ग्रामीणों तक समय पर पहुंच सके।
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्तियों का सर्वे कर लोगों को उनके संपत्ति अधिकारों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाता है। योजना में ड्रोन आधारित सर्वे और मैपिंग के साथ संपत्तियों की सीमाओं का निर्धारण किया जाता है। अधिकार अभिलेख या प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने से पहले दावे-आपत्तियों और विवादों के निराकरण की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है।
संभागायुक्त दिलीप कुमार ने निर्देश दिए कि स्वामित्व पत्रों के वितरण से पहले प्राप्त दावे और आपत्तियों का पारदर्शी एवं त्वरित तरीके से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड तैयार करते समय पूरी प्रक्रिया में सावधानी बरती जाए, ताकि भविष्य में जमीन और संपत्ति से जुड़े विवादों की स्थिति न बने। तैयार अधिकार अभिलेख पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर वितरित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में राजस्व विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि दोनों विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें और योजना से जुड़े कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें।
संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वामित्व योजना की प्रगति की जिला और संभाग स्तर पर हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें और जिन स्थानों पर प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं है, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि राजस्व एवं स्वामित्व योजना से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
संभागायुक्त ने कहा कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का वास्तविक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के अधिकारों को व्यवस्थित और डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज करना तथा पात्र लोगों को उनके अधिकार का अभिलेख उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के डिजिटलीकरण का काम गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए।
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