
भोपाल, 4 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के ऐलान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराबबंदी की मांग उठाई है। उमा भारती ने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए कहा कि मध्य प्रदेश में नशामुक्ति अभियान की शुरुआत शराब मुक्ति से होनी चाहिए। उन्होंने अमित शाह की घोषणा का स्वागत करते हुए इसे अपने लंबे समय से चल रहे शराबबंदी अभियान की सफलता से भी जोड़ा।
उमा भारती बोलीं- शराब मुक्ति से हो नशामुक्ति अभियान की शुरुआत
उमा भारती ने अपने संदेश में कहा कि शराब की लत के बाद व्यक्ति दूसरी नशीली चीजों की ओर बढ़ सकता है। इसलिए नशामुक्ति की दिशा में शराबबंदी को पहला कदम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को नशामुक्ति का केंद्र बनाने का असर पूरे देश पर पड़ सकता है।
उमा भारती लंबे समय से प्रदेश में शराबबंदी की मांग करती रही हैं। मार्च 2022 में उन्होंने भोपाल के बरखेड़ा पठानी स्थित शराब दुकान पर पहुंचकर शराब की बोतलें तोड़कर विरोध जताया था। इसके बाद राज्य की आबकारी नीति में शराब सेवन को हतोत्साहित करने और शराब के अहाते बंद करने जैसे प्रावधान किए गए थे। हालांकि, उमा भारती इसके बाद भी पूर्ण शराबबंदी की मांग उठाती रही हैं।
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अमित शाह ने 2029 तक नशामुक्त एमपी का रखा लक्ष्य
दरअसल, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर को भोपाल दौरे के दौरान मध्य प्रदेश को नशीले पदार्थों से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्य प्रदेश को नशामुक्त किया जाना चाहिए। शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने की बात भी कही।
शाह के ऐलान के बाद उमा भारती की शराबबंदी की मांग इस अभियान के साथ जुड़ा एक अलग राजनीतिक मुद्दा बन गई है। हालांकि, फिलहाल शराब पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर सरकार की ओर से कोई नई नीति घोषित नहीं की गई है। राज्य में अवैध शराब और अवैध अहातों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आबकारी विभाग पहले ही निर्देश जारी कर चुका है।
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