
ब्रांडवाणी डेस्क: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने ईरानी नौसैनिक जहाजों पर किए गए हवाई हमलों का वीडियो जारी किया है। सेना का कहना है कि ईरान के जहाज लंबे समय से क्षेत्रीय समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बने हुए थे, इसलिए यह कार्रवाई की गई। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड जॉन ट्रम्प ने सैन्य कार्रवाई पर लगी रोक को 10 दिन और बढ़ाते हुए 6 अप्रैल तक कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में है और कूटनीतिक समाधान की कोशिश जारी है।
IRGC ने किया अमेरिकी ट्रैको पर हमला
वहीं ईरान ने दावा किया है कि दुबई में अमेरिकी सेना के दो ठिकानों पर किए गए हमलों में अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ईरान के सैन्य अधिकारियों के मुताबिक इन दोनों ठिकानों पर करीब 500 अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। हमले के बाद कई घंटों तक आपातकालीन सेवाएं घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी रहीं।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान की सैन्य इकाई IRGC ने इन ठिकानों को ट्रैक कर मिसाइल और ड्रोन से समन्वित हमला किया। ईरान का कहना है कि अगर उसके बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया तो वह निर्णायक जवाब देगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने खाड़ी देशों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहते हैं तो अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल अमेरिका या इजरायल के हमलों के लिए न होने दें।
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