*अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, मीट मार्केट के लिए अलग नियम क्यों?*

*अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, मीट मार्केट के लिए अलग नियम क्यों?* 

 

*रिपोर्टर :- *जियाउद्दीन अंसारी* 

संभागीय ब्यूरो चीफ शहडोल(म. प्र.)

जन सरोवर प्राइम पत्रिका*

 

 

 *अनूपपुर*  जिला मुख्यालय अनूपपुर में नगर पालिका द्वारा इन दिनों अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान गरीब एवं छोटे दुकानदारों की दुकानों को हटाकर अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन दूसरी ओर पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में खुले में मीट का कारोबार कथित रूप से अब भी संचालित होने को लेकर आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। मीट मार्केट के लिए निर्माण एवं व्यवस्थित व्यवस्था होने के बावजूद पुरानी व्यवस्था में कारोबार संचालित होने पर नगर पालिका एवं जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

*दोहरी कार्रवाई का आरोप*

भारतीय गण वार्ता भगवा पार्टी के जिला महामंत्री वरुण चटर्जी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर यदि कार्रवाई की जा रही है तो सभी के लिए नियम समान होने चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब और छोटे दुकानदारों की दुकानों पर कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाने का दावा किया जा रहा है, जबकि पुरानी सब्जी मंडी में खुले में मीट कारोबार संचालित होने की शिकायतों पर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

वरुण चटर्जी ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा खुले में मांस-मछली के विक्रय को व्यवस्थित करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद यदि जिला मुख्यालय में खुले में मीट कारोबार संचालित हो रहा है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

*प्रशासन से समान कार्रवाई की मांग*

उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगर पालिका से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए। यदि किसी स्थान पर नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो वहां भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गरीबों की दुकानों पर कार्रवाई और प्रभावशाली लोगों अथवा अन्य कारोबारियों को छूट देने की नीति समाज में गलत संदेश देती है।

वरुण चटर्जी ने मांग की कि नगर पालिका एवं जिला प्रशासन पुरानी सब्जी मंडी में खुले में संचालित हो रहे मीट कारोबार की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करें तथा निर्मित मीट मार्केट को व्यवस्थित रूप से संचालित कराया जाए। साथ ही अतिक्रमण हटाने के अभियान में पारदर्शिता बरतते हुए सभी के लिए एक समान नियम लागू किए जाएं, ताकि आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास कायम रहे।

  • *अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, मीट मार्केट के लिए अलग नियम क्यों?*
  • MAHENDRA SINGH LAHARIYA

    MAHENDRA SINGH LAHARIYA

    Related Posts

    रेवड़ी का मायाजाल, कर्ज तले दबता प्रदेश, क्या दिवालिया होने की कगार पर है मध्य प्रदेश?

    सत्ता की भूख, तुष्टिकरण के बदलते चेहरे और साढ़े…

    असंतुलित मध्य प्रदेश और सत्ता का बेलगाम खेल, वल्लभ भवन के गलियारों से ज़मीनों के काले साम्राज्य और सिस्टम के शोषण तक के अद्भुत कारनामे

    भोपाल (विशेष संवाददाता)। मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और…

    You Missed

    मोहन यादव से जुड़े जमीन सौदों पर रिपोर्ट, MP मीडिया की कवरेज पर उठे सवाल

    मोहन यादव से जुड़े जमीन सौदों पर रिपोर्ट, MP मीडिया की कवरेज पर उठे सवाल

    UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में MP की 4 धरोहरें, भारत की सूची में 78 स्थल

    UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में MP की 4 धरोहरें, भारत की सूची में 78 स्थल

    MP Bus Fare: सुगम परिवहन सेवा के बाद भी महंगा सफर, 1 KM के ₹2 किराये पर उठे सवाल

    MP Bus Fare: सुगम परिवहन सेवा के बाद भी महंगा सफर, 1 KM के ₹2 किराये पर उठे सवाल

    कांग्रेस पर भाजपा का बड़ा हमला, बिहारीलाल आर्य बोले- संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप हताशा का प्रतीक

    कांग्रेस पर भाजपा का बड़ा हमला, बिहारीलाल आर्य बोले- संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप हताशा का प्रतीक

    उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले