
गाड़ी ट्रांसफर के लिए अब NOC की जरूरत नहीं होगी: वाहन पोर्टल से ऑनलाइन वेरिफिकेशन, फिट होने पर 15 साल बाद भी चल सकेगी पुरानी कार
सार
वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने वाहन ट्रांसफर और पुराने वाहनों के उपयोग से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। अब किसी राज्य से दूसरे राज्य में गाड़ी ट्रांसफर करने के लिए पहले की तरह NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेने की अनिवार्यता खत्म की जा सकती है। इसके स्थान पर वाहन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन किया जाएगा। साथ ही अगर कोई पुरानी कार तकनीकी रूप से फिट पाई जाती है तो उसे 15 साल के बाद भी सड़कों पर चलाने की अनुमति मिल सकती है।
विस्तार
वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया होगी आसान
अब तक किसी वाहन को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर कराने के लिए वाहन मालिक को पहले संबंधित RTO से NOC लेना पड़ता था। यह प्रक्रिया कई बार लंबी और जटिल साबित होती थी।
नए प्रस्तावित नियमों के तहत इस प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। अब वाहन की जानकारी सरकार के डिजिटल वाहन पोर्टल पर उपलब्ध डाटाबेस के जरिए सत्यापित की जाएगी। इससे वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
ऑनलाइन वेरिफिकेशन से होगी जांच
नई व्यवस्था के अनुसार वाहन की रजिस्ट्रेशन जानकारी, टैक्स भुगतान, बीमा और अन्य रिकॉर्ड ऑनलाइन सिस्टम से जांचे जाएंगे।
RTO अधिकारियों को अलग से कागजी प्रक्रिया करने की जरूरत कम होगी। इससे वाहन मालिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है और पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी हो सकेगी।
15 साल पुरानी कारों को मिल सकती है राहत
सरकार पुराने वाहनों को लेकर भी नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है। अभी कई राज्यों में 15 साल पुरानी कारों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
नई नीति के तहत अगर वाहन फिटनेस टेस्ट में पास हो जाता है और प्रदूषण मानकों को पूरा करता है, तो उसे 15 साल से अधिक समय तक भी चलाने की अनुमति मिल सकती है। इससे लाखों वाहन मालिकों को राहत मिल सकती है।
स्क्रैपेज नीति के साथ जुड़ा है बदलाव
यह बदलाव सरकार की वाहन स्क्रैपेज नीति से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है। इस नीति का उद्देश्य पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर सड़कों पर सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देना है।
हालांकि नई व्यवस्था में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल वही वाहन सड़क पर चलें जो सुरक्षा और प्रदूषण के निर्धारित मानकों को पूरा करते हों।
वाहन मालिकों को मिलेगा बड़ा फायदा
इन नए नियमों के लागू होने से वाहन मालिकों को कई तरह की राहत मिल सकती है। गाड़ी ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज होगी, कागजी झंझट कम होंगे और पुराने वाहनों के उपयोग को लेकर भी स्पष्टता आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम के जरिए वाहन रिकॉर्ड की जांच होने से RTO प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी।









