
डबरा: डबरा नगर पालिका में आज का दिन काफी अहम और हलचल भरा रहा। एक ओर प्रशासन ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की, वहीं दूसरी ओर शहरवासियों के लिए लंबे समय से लंबित सीवरेज प्रोजेक्ट के शुरू होने की उम्मीद जगी।
जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्य नगर पालिका अधिकारी साक्षी भारद्वाज ने साफ किया कि अब नगर पालिका में लापरवाही और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू होगी। कर्मचारियों की अनुपस्थिति, गौशाला की अव्यवस्थाएं और ऑनलाइन रसीद घोटाले जैसे मामलों पर सख्त रुख अपनाया गया है। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। गौशाला में चारे की कमी को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित प्रभारी पर कार्रवाई तय की गई है।
हाल ही में सामने आए ऑनलाइन रसीद घोटाले पर कलेक्टर स्तर से जांच टीम गठित कर दी गई है और संचालनालय से भी जांच के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं नगर पालिका के विशेष सम्मेलन में विपक्षी पार्षद धर्मेंद्र ‘हैप्पी’ सरदार ने 50 करोड़ की नल-जल योजना में कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना परिषद की अनुमति के योजना को कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया, जबकि कई वार्ड आज भी पानी से वंचित हैं।
सम्मेलन के दौरान रसीद डिलीटिंग घोटाले में संलिप्त पाए गए आरआई उपेंद्र परमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। गौशाला और सफाई व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी पर निंदा प्रस्ताव पारित कर उनकी वेतन वृद्धि रोकने का भी निर्णय लिया गया।
सबसे बड़ी राहत की खबर यह रही कि लंबे समय से लंबित सीवरेज प्रोजेक्ट अब जमीन पर उतरने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर परियोजना का काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे शहर की सबसे बड़ी समस्याओं—गंदे पानी और जलभराव—से निजात मिलने की उम्मीद है।
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