
डबरा | भरत रावत | 13 जून 2026
ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में कथित अवैध उत्खनन को लेकर विवाद गहरा गया है। बिलौआ क्षेत्र में संचालित खदान को लेकर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मुकेश परिहार और स्थानीय प्रशासन आमने-सामने आ गए। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब मीडिया के सामने दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।
मुकेश परिहार ने आरोप लगाया कि जिस खदान में कथित रूप से अवैध उत्खनन किया जा रहा है, वह स्थानीय तहसीलदार की मां के नाम पर पंजीकृत है। उन्होंने कुछ दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा भी संबंधित दस्तावेजों में गवाह के रूप में दर्ज हैं।
मामले को लेकर जब मीडिया ने तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा से प्रतिक्रिया ली, तो उन्होंने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। तहसीलदार का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और यदि जांच में उनकी किसी प्रकार की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाने वाले पक्ष पर ब्लैकमेलिंग करने का आरोप भी लगाया।
वहीं, मुकेश परिहार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है और यदि किसी अधिकारी की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका है तो उसे भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाएंगे।
दोनों पक्षों के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, अभी तक आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी या जांच रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज है तथा आगे की कार्रवाई और संभावित जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।








