
छिंदवाड़ा/पांढुर्णा: मोहगांव बैल बाजार इन दिनों गोवंश तस्करी के आरोपों को लेकर चर्चा में है। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का कहना है कि जिले का यह सबसे बड़ा बैल बाजार अब तस्करी का माध्यम बनता जा रहा है। आरोप है कि छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ क्षेत्र से सक्रिय गोतस्कर यहां तक गोवंश लाते हैं, जहां से महाराष्ट्र के तस्कर उन्हें खरीदकर मजदूरों के जरिए पैदल ही राज्य की सीमा तक ले जाते हैं।
हर मंगलवार लगने वाले इस बाजार से करीब 200 से 300 गोवंश को झुंड में पैदल हांकते हुए महाराष्ट्र की ओर ले जाया जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोहगांव से महाराष्ट्र तक सड़कों पर यह गतिविधि लंबे समय से चल रही है और आसपास के कुछ गांवों के लोग भी इसमें शामिल बताए जाते हैं।
हिंदू सेना और गौसेवकों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। कुछ समय पहले हिंदू संगठनों ने विरोध भी किया था, जिसके बाद करीब डेढ़ साल तक बैल बाजार बंद रहा, लेकिन बाद में इसे फिर से शुरू कर दिया गया।
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