
मैहर: मैहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली टमस नदी इन दिनों जल संकट और प्रदूषण को लेकर चर्चा में है। नदी का लगातार घटता जलस्तर चिंता का विषय बन गया है। शहर में पानी की आपूर्ति के लिए प्रशासन द्वारा सीमेंट उद्योग की अमिलिया खदान से पानी लिया जा रहा है, जिसको लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
औद्योगिक अपशिष्ट बिना शुद्धिकरण के नदी या खदान के पानी में मिलते हैं, तो पानी का pH स्तर असंतुलित हो सकता है, जिससे यह मानव उपयोग के लिए हानिकारक बन सकता है। ऐसे पानी में लेड, कैडमियम और जिंक जैसी भारी धातुओं की मौजूदगी स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। साथ ही, रासायनिक तत्वों के कारण लंबे समय में गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
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इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के मैहर जिला विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष आनंद श्रीवास्तव ने चिंता जताते हुए प्रशासन से टमस नदी और अमिलिया खदान के पानी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक पानी सुरक्षित साबित न हो, तब तक नागरिकों के लिए वैकल्पिक स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक अपशिष्टों के निस्तारण पर सख्त निगरानी रखी जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नागरिकों से भी पानी को उबालकर या शुद्ध कर उपयोग करने की अपील की गई है।
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