
छतरपुर/अमित अवस्थी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि आबकारी विभाग की निष्क्रियता के चलते लग्जरी वाहनों के माध्यम से गांव-गांव शराब की सप्लाई की जा रही है। हाल ही में गढ़ी मलहरा और लुगासी के बीच सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली एक कार ने पूरे मामले को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
दुर्घटनाग्रस्त कार से बढ़ी चर्चाएं
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में कथित अवैध शराब तस्करी की सूचना मिलने के बाद शराब कंपनी से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने दबिश दी थी। बताया जा रहा है कि कार्रवाई की भनक लगते ही संदिग्ध तस्करों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके बाद वाहन को मौके पर छोड़कर उसमें सवार लोग फरार हो गए।
आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब की सप्लाई हो रही है तो संबंधित विभाग की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। लोगों के बीच चर्चा है कि ग्रामीण इलाकों में खुलेआम चल रहे इस कथित कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से तस्करों के हौसले बढ़ रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बढ़ती पहुंच कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।
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