
बड़वानी: भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ से संबद्ध मध्यप्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन विसंगति सहित 11 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन की घोषणा की है. इसी क्रम में बड़वानी जिला मुख्यालय के नवलपुरा स्थित अधीक्षण यंत्री कार्यालय के बाहर संविदा कर्मचारियों ने एक दिवसीय काम बंद कर धरना-प्रदर्शन किया।
भोपाल में बड़े प्रदर्शन की तैयारी
कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से पांच चरणों में चलाया जा रहा है, जिसमें पहले दो चरण पूरे हो चुके हैं। तीसरे चरण के तहत 2 अप्रैल को जिला और कंपनी स्तर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद चौथे चरण में “भोपाल चलो” आंदोलन के तहत 16 अप्रैल को राजधानी भोपल में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
कर्मचारियों की समस्या को किया जा रहा है नजरअंदाज
महासंघ के प्रदेश संयुक्त महामंत्री मोहम्मद सादिक शेख ने बताया कि कई आउटसोर्स (ठेका) कर्मचारी पिछले 15 वर्षों से बिजली कंपनी में कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनका नियमितीकरण नहीं हुआ और न ही उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिल पाया है। उन्होंने कहा कि ठेका कर्मचारी आज कंपनी की कार्यप्रणाली की रीढ़ बन चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 800 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें ठेका व्यवस्था के तहत कलेक्टर दर से वेतन दिया जाता है। कर्मचारियों का आरोप है कि निजी कंपनियों को ठेका दिए जाने के कारण उन्हें उचित सुविधाएं और वेतन नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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