
जबेरा/दमोह: क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए हो रही परेशानियों को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने शासकीय स्नातक महाविद्यालय जवेरा को स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा देने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम प्रभारी प्राचार्य डॉ. कमल चौरसिया को ज्ञापन सौंपकर शैक्षणिक व्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित किया।
ज्ञापन में जवेरा महाविद्यालय आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित जबलपुर और कटनी जिले की सीमा से लगे नोहटा, तेजगढ़, बनवार और आलोनी जैसे क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। वर्तमान में यहां केवल स्नातक स्तर तक ही पढ़ाई उपलब्ध है, जिसके कारण हर वर्ष कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
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एनएसयूआई पदाधिकारियों ने कहा कि स्नातकोत्तर स्तर पर कला, विज्ञान और वाणिज्य विषयों की पढ़ाई की सुविधा नहीं होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों को दमोह या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई छात्र आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते। वहीं छात्राओं को भी दूर जाने में होने वाली कठिनाइयों के कारण बीच में ही पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
छात्र नेताओं ने मांग की कि महाविद्यालय में जल्द से जल्द स्नातकोत्तर स्तर पर कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय की कक्षाएं शुरू की जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सके।ज्ञापन सौंपने के दौरान एनएसयूआई नगर अध्यक्ष विवेक तिवारी, विधानसभा अध्यक्ष प्रवीण राय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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