
दमोह: कलेक्ट्रेट में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में एक महिला की दिल को छू लेने वाली बात ने सभी को भावुक कर दिया। यह महिला जबेरा तहसील के मुवार झरौली गांव से आई थी और अपने बहुत बीमार पति के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग कर रही थी, लेकिन उसे तुरंत राहत नहीं मिली।
महिला, नीतू लोधी, ने बताया कि उसके पति धन सिंह के दोनों फेफड़े खराब हो गए हैं और वह पिछले दो साल से उनका इलाज करा रही है। इस इलाज में उनके परिवार की सारी बचत खर्च हो गई है। अभी उनके इलाज के लिए हर हफ्ते दो से तीन ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। पहले यह सुविधा जिला अस्पताल से मिल रही थी, लेकिन अब यह बंद कर दी गई है।जब जनसुनवाई हो रही थी, तब महिला ने बहुत भावुक होकर कहा कि अगर उसके पति को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिली और उनकी मौत हो गई, तो वह अपने मासूम बच्चे के साथ पति की अस्थियां लेकर कलेक्ट्रेट आ जाएगी।
महिला ने यह भी बताया कि धर्मेंद्र सिंह लोधी ने उसके पति के इलाज के लिए AIIMS में मदद के लिए पत्र लिखा था, जहां उनका उपचार हुआ। इसके अलावा, जबेरा के सीबीएमओ के माध्यम से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी दिया गया था, लेकिन गांव में बार-बार बिजली कटौती होने के कारण उससे पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है।
इस मामले में, कलेक्टर ने साफ कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को ही ऑक्सीजन दी जा सकती है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि अगर सिलेंडर उपलब्ध हों तो दिए जाएं, नहीं तो ऐसी व्यवस्था को बंद कर दें।जनसुनवाई के बाद, महिला ने कहा कि उसके पति बिना ऑक्सीजन के नहीं रह सकते। अगर उसके पास पैसे होते तो वह खुद सिलेंडर का इंतजाम कर लेती, लेकिन इलाज में सब कुछ खर्च हो चुका है। अभी वह मजदूरी कर परिवार का गुजारा कर रही है और उसके साथ डेढ़ साल का बच्चा भी है।
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