
डबरा/भरत रावत: डबरा में शिक्षकों का आक्रोश अब सडको पर देखा जा रहा है। शिक्षक ममता सागोरिया और सत्येंद्र श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में सरकार की नई नीतियों पर कड़ा विरोध जताया, विशेष रूप से TET परीक्षा को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे “अंधा कानून” करार दिया है। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा कर रहे अनुभवी शिक्षकों से इस उम्र में दोबारा परीक्षा लेने की मांग करना उनके साथ अन्याय है।
शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, वरिष्ठता के आधार पर लाभ और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भी अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
शिक्षकों ने मीडिया से बातचीत के दौरान शिक्षिका ममता सागोरिया ने भावुक होते हुए कहा कि इस उम्र में दोबारा पढ़ाई करना और परीक्षा देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर नौकरी छिन गई, तो जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा” वहीं, शिक्षक सत्येंद्र श्रीवास्तव ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि 1998 और 2005 से लगातार नियुक्तियां होती आ रही हैं, लेकिन अब अचानक नए नियम लागू कर शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है।
OPS पेंशन योजना की मांग
शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग करते हुए तर्क दिया कि जहां एक विधायक को अल्पकालीन कार्यकाल के बाद भी जीवनभर पेंशन मिलती है, वहीं 40 वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षक को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती।
शिक्षिका ममता सागोरिया ने ब्रांडवाणी से बात करते हुए बतया की “हम 20-25 साल से सेवा दे रहे हैं, अब इस उम्र में दोबारा परीक्षा देना हमारे लिए संभव नहीं है। अगर सरकार हमें नौकरी से हटाना चाहती है तो सीधे इच्छा मृत्यु दे दे”
शिक्षक सत्येंद्र श्रीवास्तव के अनुसार “सरकार लगातार नए नियम हमें बता रही है, जो शिक्षकों के साथ अन्याय है” हम सबकी जॉइनिंग पुराणी है, हम पुरानी पेंशन और अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।”
शिक्षकों ने आंदोलन की चेतावनी दी
अंत में शिक्षकों ने साफ चेतावनी दी है कि 18 अप्रैल को प्रदेशभर के शिक्षक भोपाल में एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सरकारी योजनाओं का बहिष्कार कर चक्का जाम तक करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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