
जबेरा: जनपद की ग्राम पंचायत सुरई अंतर्गत हरदुआ गांव में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के सप्तम दिवस पर माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कथा पांडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जहां भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की धारा प्रवाहित होती रही।कथा व्यास दंडी स्वामी रंजीतानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने प्रवचनों में भगवान की लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया।
स्वामी रंजीतानंद सरस्वती जी महाराज समरासुर प्रसंग के माध्यम से बताया कि अहंकार मनुष्य के पतन का कारण बनता है और इस संसार में जन्म लेने वाला हर प्राणी मृत्यु को प्राप्त होता है। महाराज श्री ने कहा कि प्रभु की शरण ही मोक्ष का मार्ग है। उनके प्रेरक विचारों से श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।कथा के दौरान भजन-कीर्तन से माहौल और भी भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु ‘जय श्री कृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष के साथ झूमते नजर आए।
हरदुआ सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग कथा सुनने पहुंचे। समापन पर महाराज ने सभी को सात्विक जीवन अपनाने और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
- surai-gram-panchayat-shrimad-bhagwat-mahapuran-katha










