
दमोह: हटा सिविल अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। प्रसव के दौरान महिला के पेट में कपड़ा छोड़ देने का आरोप लगा है, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और परिजनों में आक्रोश फैल गया।
हटा के गौरीशंकर वार्ड निवासी मीना अहिरवार (25) को 5 अप्रैल को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने सामान्य प्रसव से स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। अगले दिन उसे छुट्टी दे दी गई, लेकिन घर पहुंचने के बाद उसे तेज पेट दर्द, ब्लीडिंग और यूरिन संबंधी समस्या होने लगी।
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स्थिति बिगड़ने पर परिजन महिला को दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के दौरान प्रसव के समय पेट में कपड़ा छूटने की बात सामने आई। बाद में उसे बाहर निकाला गया।परिजनों ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के दौरान अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे और नर्सों ने ही प्रसव कराया। इसी दौरान टांके लगाते समय कपड़ा अंदर रह गया, जिससे संक्रमण फैल गया। साथ ही प्रसव के नाम पर नर्स और आशा कार्यकर्ता द्वारा पैसे लेने के भी आरोप लगाए गए हैं।
मामले को लेकर परिजनों ने हटा थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। सीएमएचओ डॉ. राजेश आठ्या ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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