
जबेरा: नगर के पुराने तालाब के पास संचालित शासकीय शराब दुकान इन दिनों विवादों में है। ब्रांणवाणी को जानकारी के मुताबिक दुकान की अब तक नीलामी नहीं हुई है, ऐसे में इसका संचालन आबकारी विभाग के अधीन होना चाहिए, लेकिन मौके पर नियमों का पालन होता नजर नहीं आया।
दुकान पर अब भी पुराने ठेकेदार का बोर्ड लगा हुआ है और संचालन निजी कर्मचारियों द्वारा किए जाने के आरोप हैं। बताया गया कि सुबह से दुकान खुली रही, लेकिन देर शाम तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।नियमों के अनुसार शासकीय दुकान पर रेट लिस्ट, सीसीटीवी, अधिकृत कर्मचारी की मौजूदगी और प्रत्येक बिक्री की रसीद अनिवार्य होती है, लेकिन यहां इन व्यवस्थाओं की कमी सामने आई है।
मामले को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन के संभागीय अध्यक्ष डॉ. सुजान सिंह ने जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अनियमितताएं पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।वहीं आबकारी अधिकारी रवींद्र खरे से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। मामले को लेकर अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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