
भोपाल ।
मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ आज राजधानी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। प्रदेशभर से हजारों शिक्षक इस आंदोलन में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंच रहे हैं। प्रदर्शन में खासतौर पर वे शिक्षक शामिल हैं, जो पहले से नियुक्त हैं और नई अनिवार्यता के कारण खुद को प्रभावित मान रहे हैं।
पुराने भर्ती नियमों का हवाला, फैसले पर नाराजगी
शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति उस समय हुई थी, जब TET अनिवार्य नहीं था। ऐसे में अब इस नियम को लागू करना उनके साथ अन्याय है। शिक्षक संगठनों ने इसे “पुराने नियमों के साथ छेड़छाड़” बताया है और फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की रिव्यू पिटीशन
राज्य सरकार ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की है। सरकार का तर्क है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए TET जरूरी है। हालांकि, सरकार पुराने शिक्षकों को लेकर कुछ राहत के विकल्प पर भी विचार कर रही है, जिसके चलते पुनर्विचार याचिका दायर की गई है।
भोपाल में सुरक्षा कड़ी, ट्रैफिक डायवर्जन लागू
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन ने कई संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की है और ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। प्रदर्शन स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
शिक्षक संगठनों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत आने वाले दिनों में जिला स्तर पर भी प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन की योजना बनाई जा रही है।
इस मुद्दे ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था और भर्ती नियमों को लेकर बहस को तेज कर दिया है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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