
जिन 14 कलेक्टरों का तबादला हुआ है, उनमें 9 महिला अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें सामान्य वर्ग, शैलजा पाटिल, नेहा मार्या, रानी बाटड़, प्रीति यादव, शालिनी लोहानी और ऋतु पुंजा जैसे नाम शामिल हैं। यह सूची दर्शाती है कि प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और उन्हें महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी दी जा रही है।
बताया जा रहा है कि 5 नए कलेक्टर पदों पर भी महिला अधिकारियों को नियुक्त किया गया है, जबकि अन्य जिलों में भी कई महिला अफसरों को प्रमुख जिम्मेदारियां दी गई हैं। खास बात यह है कि कुछ महिला अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर के रूप में मौका मिला है, जो उनके करियर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे प्रशासन में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होती नजर आ रही है।
इस फेरबदल में शैलजा पाटिल को नया जिला सौंपा गया है, वहीं अन्य महिला अधिकारियों को भी अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है। इसके अलावा, एक महिला अधिकारी को कलेक्टर के पद पर पदोन्नति देकर नई जिम्मेदारी दी गई है। यह बदलाव यह संकेत देता है कि सरकार प्रशासनिक ढांचे में संतुलन और प्रतिनिधित्व पर ध्यान दे रही है।
वहीं, 2017 बैच के कुछ अधिकारियों को भी पहली बार बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी प्रमोशन देकर नए पदों पर नियुक्त किया गया है। इस पूरे फेरबदल से यह स्पष्ट है कि प्रशासन में अनुभव और नई ऊर्जा दोनों का संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसमें महिला अधिकारियों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।
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