
सहमति नहीं होने के कारण अटकी वीपी दुबे की तैनाती
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फैसला सहमति के अभाव में अटक गया है। VP दुबे की तैनाती को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, लेकिन अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने हाल ही में कई अहम प्रशासनिक फैसले किए, जिनमें 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले भी शामिल थे। इसके साथ ही 14 जिलों में कलेक्टर और SP स्तर के अधिकारियों को भी बदला गया, लेकिन VP दुबे की नियुक्ति पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
सूत्रों के अनुसार, VP दुबे की पोस्टिंग को लेकर अलग-अलग स्तरों पर सहमति नहीं बन पाई है। यही कारण है कि उनकी तैनाती का मामला फिलहाल लंबित पड़ा हुआ है। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा है कि यदि समय रहते सहमति बन जाती, तो यह फैसला पहले ही लिया जा सकता था। लेकिन अब यह मुद्दा लगातार खिंचता जा रहा है, जिससे निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि प्रशासनिक फैसलों में तालमेल का अभाव कई बार ऐसी स्थितियां पैदा कर देता है, जहां निर्णय लेने में देरी हो जाती है। VP दुबे का मामला भी कुछ इसी तरह का बताया जा रहा है, जहां अलग-अलग पक्षों के बीच एकराय नहीं बन पाई। इसका असर न केवल संबंधित अधिकारी पर पड़ रहा है, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे में भी इसकी चर्चा हो रही है।
फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कब तक इस मुद्दे पर सहमति बनती है और सरकार अंतिम फैसला लेती है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह मामला और लंबा खिंच सकता है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और VP दुबे की तैनाती को लेकर क्या निर्णय सामने आता है।
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