
ब्रांणवाणी बाजार: भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार पांचवें दिन कमजोर होते हुए 15 पैसे गिरकर 94.16 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मजबूत होते डॉलर के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है।
विदेशी मुद्रा बाजार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है। हालांकि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू है, फिर भी होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की हालत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख ने भी तनाव बढ़ाया है। उन्होंने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि यदि ईरानी छोटी नौकाएं समुद्री मार्ग बाधित करने की कोशिश करें, तो कड़ी कार्रवाई की जाए।
इन वैश्विक परिस्थितियों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है, जहां भारी बिकवाली देखी गई। विदेशी निवेशकों द्वारा पूंजी निकासी (FPI बहिर्वाह) ने रुपये की कमजोरी को और बढ़ाया।
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