
भोपाल/आदित्य शंकर तिवारी: एम्स भोपाल में मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए एक अंगदाता को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। यह पहल अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज को सकारात्मक संदेश देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ब्रेन-स्टेम डेथ के बाद लिया गया निर्णय
जानकारी के अनुसार, 47 वर्षीय एक मरीज को इंट्रासेरेब्रल हेमरेज के कारण संभावित ब्रेन-स्टेम डेथ की स्थिति में चिन्हित किया गया था। चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद जब स्थिति स्पष्ट हुई, तो परिजनों ने साहसिक और मानवीय निर्णय लेते हुए अंगदान के लिए सहमति दी।
गार्ड ऑफ ऑनर देकर दी श्रद्धांजलि
अंगदान जैसे महान कार्य के सम्मान में आईपीडी गेट पर अंगदाता को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस दौरान अस्पताल का पूरा स्टाफ, परिजन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की पहल से लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग इस दिशा में आगे आएंगे। अंगदान को जीवनदान के रूप में देखा जाता है, जिससे कई जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिल सकती है।
अंगदान को लेकर बढ़ रही जागरूकता
विशेषज्ञों के अनुसार, देश में धीरे-धीरे अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन अभी भी इसकी जरूरत काफी ज्यादा है। ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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