
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना होने से पहले कहा कि भारत आगामी G7 शिखर सम्मेलन में केवल अपने हितों की बात नहीं करेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ (विकासशील और उभरते देशों) की आकांक्षाओं और चिंताओं को भी मजबूती से सामने रखेगा।
प्रधानमंत्री मोदी 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
अपने प्रस्थान वक्तव्य में पीएम मोदी ने कहा कि भारत को लगातार आठवीं बार G7 सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है, जो विश्व मंच पर देश की बढ़ती भूमिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण के देशों की प्राथमिकताओं, चुनौतियों और अपेक्षाओं को दुनिया के सामने रखने का कार्य करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रांस भारत की रणनीतिक सोच में विशेष स्थान रखता है। इस यात्रा के दौरान उनकी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात होगी, जिसमें रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
दौरे के दूसरे चरण में पीएम मोदी स्लोवाकिया जाएंगे। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। इस दौरान वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
G7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक चुनौतियां, ऊर्जा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत की भागीदारी को वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती कूटनीतिक भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।








