
बड़ामलहरा। जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान और पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत करकी में महिलाओं को जल परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन और कार्यपालन यंत्री अनिल कुमार लागरखा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के विकासखंड समन्वयक पी.एल. अहिरवार ने महिलाओं को जल की गुणवत्ता जांचने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम में गठित जल गुणवत्ता निगरानी समिति की महिलाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे स्वयं अपने क्षेत्र में पेयजल की शुद्धता की जांच कर सकें।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। साथ ही महिलाओं को जागरूक बनाकर उन्हें इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल जल गुणवत्ता की निगरानी मजबूत होगी, बल्कि गांवों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी कम करने में मदद मिलेगी। यह अभियान ग्रामीण स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने और समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट: अमित
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