
बुरहानपुर| जिले से किसानों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। बुरहानपुर बिजली बिल एचपी विवाद के तहत नाचनखेड़ा गांव के किसानों ने बिजली विभाग पर मोटर की क्षमता गलत दर्ज कर बिल बढ़ाने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे ने क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
मोटर क्षमता में गड़बड़ी का आरोप
नाचनखेड़ा गांव के किसानों का कहना है कि उनकी सिंचाई मोटर 10 एचपी की है, लेकिन विभाग ने इसे 12 एचपी दर्ज कर दिया। इस बदलाव के कारण उनके बिजली बिल में अचानक वृद्धि हो गई है। किसानों के मुताबिक, पहले से ही मौसम और फसल की मार झेल रहे लोगों के लिए यह बढ़ा हुआ बिल एक अतिरिक्त बोझ बन गया है। कई किसानों ने कहा कि वे इतना अधिक बिल भरने में सक्षम नहीं हैं।
स्थानीय किसान दिगंबर महाजन ने बताया कि मोटर की क्षमता गलत दर्ज होने से बिल दोगुना तक बढ़ गया है, जिससे आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यह केवल एक-दो लोगों का मामला नहीं, बल्कि कई उपभोक्ता इससे प्रभावित हैं।
जांच के आश्वासन पर टिकी उम्मीद
इस मामले को लेकर किसानों ने कार्यपालन यंत्री को आवेदन देकर बिल में सुधार की मांग की है। विभाग की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे ठीक किया जाएगा। कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र कुमार पाल ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद सही तथ्य सामने आने पर बिल को संशोधित किया जाएगा।
फिलहाल किसान इस उम्मीद में हैं कि उन्हें जल्द राहत मिलेगी और सही बिल जारी किया जाएगा।
बुरहानपुर का यह मामला दिखाता है कि छोटी तकनीकी गलती भी किसानों पर बड़ा आर्थिक बोझ डाल सकती है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है कि क्या किसानों को राहत मिलेगी या नहीं। प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि ऐसी शिकायतों का समय पर समाधान किया जाए, ताकि किसानों का भरोसा बना रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट: राजू सिंह राठौड़यह भी पढ़े: सागर: देवरी में बकाया बिल पर कार्रवाई, 85 बिजली कनेक्शन काटे गए
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