
सिंगरौली: जिले में गिरते भू-जल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर गौरव बैनल ने पूरे राजस्व जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए नवीन नलकूप खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष वर्षा सामान्य से 6.92 प्रतिशत अधिक होने के बावजूद निजी नलकूपों के अत्यधिक दोहन के कारण भू-जल स्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। स्थिति को गंभीर मानते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत जारी आदेश 15 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश के अनुसार अब किसी भी नए नलकूप खनन के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। साथ ही शासकीय जल स्रोतों के 150 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निजी नलकूप खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।अधिकारियों का कहना है कि यह कदम आने वाले समय में जल संकट को रोकने और भू-जल संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए बेहद आवश्यक है।
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