
रायसेन: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार 9 मई 2026 को रायसेन जिला मुख्यालय सहित जिले की सभी तहसील न्यायालयों में वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया।
जिला मुख्यालय रायसेन में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश Anil Kumar Sohane द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी और पक्षकार मौजूद रहे।
लोक अदालत में राजीनामा योग्य मामलों के शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निराकरण के लिए जिलेभर में कुल 23 खंडपीठों का गठन किया गया। इन खंडपीठों द्वारा न्यायालयों में लंबित 407 प्रकरणों और 1318 प्री-लिटिगेशन मामलों सहित कुल 1725 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन मामलों में ₹9 करोड़ 91 लाख 44 हजार 803 की समझौता राशि तय हुई, जिससे 2085 लोगों को लाभ मिला।
इस दौरान एक 13 साल पुराने विवाद का भी समाधान चर्चा का विषय बना। मामला ₹10 लाख के चेक विवाद से जुड़ा था, जिसमें कैलाश चौहान और निर्भय सिंह के बीच लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी। दोनों कभी गहरे मित्र थे, लेकिन लेन-देन के विवाद ने रिश्तों में दूरी पैदा कर दी थी।
लोक अदालत में दोनों पक्षों को समझाइश दी गई कि कानूनी लड़ाई से अधिक महत्वपूर्ण आपसी संबंध और मानसिक शांति है। बातचीत और समझाइश के बाद दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हुए और मुस्कुराते हुए विवाद समाप्त कर दिया। 13 साल पुरानी रंजिश खत्म होने के बाद यह मामला लोक अदालत की सफलता की मिसाल बन गया। आयोजकों ने कहा कि लोक अदालत केवल मामलों का निपटारा ही नहीं करती, बल्कि टूटते रिश्तों को जोड़ने का भी कार्य करती है।
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