सागर के जसराज गांव में भीषण जल संकट: 43 डिग्री गर्मी में पानी की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिलाएं

सागर: गर्मी बढ़ने के साथ ही कई ग्रामीण इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है। जिला प्रशासन भले ही नल-जल योजनाओं और पेयजल व्यवस्था को लेकर लगातार समीक्षा बैठकों का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हालात इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। बुधवार को इसका बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला जब 43 डिग्री की भीषण गर्मी में ग्राम पंचायत जसराज की दर्जनों महिलाएं अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारियां छोड़कर पानी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं।

कलेक्ट्रेट पहुंची महिलाओं और ग्रामीणों ने प्रशासन को शिकायती आवेदन सौंपते हुए बताया कि गांव में पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। गांव के पारंपरिक कुएं, हैंडपंप और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं। हालत यह है कि गांव में पीने के पानी तक के लिए लोग भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इंसानों के साथ-साथ मवेशी भी पानी के अभाव में प्यासे हैं और उनकी जान पर बन आई है।

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्हें सुबह से लेकर देर शाम तक सिर्फ पानी की व्यवस्था करने में ही समय बिताना पड़ रहा है। कई किलोमीटर दूर से पानी लाना उनकी मजबूरी बन गई है। महिलाओं का कहना है कि घर का कामकाज और बच्चों की जिम्मेदारी छोड़कर उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ता है। इसके बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

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ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पंचायत और जिम्मेदार अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।

जसराज गांव की यह स्थिति सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े करती है। एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक पानी पहुंचाने और गर्मियों में पेयजल संकट नहीं होने देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाएं चिलचिलाती धूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर पानी की गुहार लगाने को मजबूर हैं। इससे साफ है कि कई योजनाएं अब भी केवल कागजों तक सीमित हैं और उनका लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा।

कलेक्ट्रेट के अधिकारियों ने ग्रामीणों का आवेदन स्वीकार करते हुए जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। हालांकि गांव वालों का कहना है कि वे लंबे समय से केवल आश्वासन ही सुनते आ रहे हैं। अब उन्हें तत्काल पानी की आपूर्ति और स्थायी समाधान चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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    Rashel Kachwah Rajput

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