
सागर: मध्यप्रदेश प्रेस क्लब सागर इकाई के पत्रकारों ने बुधवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल को ज्ञापन सौंपकर संभागीय जनसंपर्क कार्यालय सागर में वर्षों से अटैच एक शासकीय शिक्षक को तत्काल मूल पदस्थापना पर भेजने और उनके कार्यकाल की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए शिक्षक को करीब एक दशक से जनसंपर्क विभाग में पदस्थ रखा गया है।
प्रेस क्लब द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि शासकीय माध्यमिक शिक्षक मनोज नेमा की मूल पदस्थापना ग्राम मेनपानी में है, लेकिन वह पिछले लगभग 10 वर्षों से संभागीय जनसंपर्क कार्यालय सागर में अटैच होकर कार्य कर रहे हैं। पत्रकारों का कहना है कि यह व्यवस्था शासन के स्पष्ट नियमों के विरुद्ध है। प्रेस क्लब के सदस्यों ने इस संबंध में प्रमाणित दस्तावेज भी कलेक्टर प्रतिभा पाल को सौंपे हैं। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लेने का आश्वासन दिया है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि इस बात की जांच कराई जाए कि किन अधिकारियों के आदेश पर शिक्षक को इतने लंबे समय तक जनसंपर्क विभाग में अटैच रखा गया। साथ ही पत्रकारों ने आरोप लगाया कि विभागीय कार्यप्रणाली में प्रभाव स्थापित करने, पत्रकारों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार करने और कुछ विशेष लोगों को लाभ पहुंचाने जैसे मामलों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रेस क्लब ने मांग की है कि शिक्षक के कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों, विज्ञापन वितरण और भुगतानों की विशेष जांच समिति गठित कर विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि यदि कोई अनियमितता हुई हो तो उसका खुलासा हो सके। मध्यप्रदेश प्रेस क्लब सागर इकाई ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो पत्रकार बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल और जनसंपर्क आयुक्त मध्यप्रदेश को भी रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजी गई है।
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