सागर: जल संकट पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पठाखुर्द में चक्का जाम; 2022 से अधूरा पड़ा जलाशय निर्माण

केसली (सागर): भीषण गर्मी और लगातार गहराते जल संकट से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। सागर जिले के केसली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पठाखुर्द में ग्रामीणों ने पेयजल समस्या के विरोध में चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2022 में शुरू किया गया जलाशय निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है, जिसके कारण गांव को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए चार वर्ष पहले जलाशय निर्माण परियोजना शुरू की गई थी। निर्धारित समय सीमा 18 महीने होने के बावजूद निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार की लापरवाही के कारण परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। यदि जलाशय का निर्माण समय पर हो जाता तो आज गांव के लोगों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता।

भीषण गर्मी के बीच गांव के अधिकांश जल स्रोत सूख चुके हैं। स्थिति यह है कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की व्यवस्था करने में उनका अधिकांश समय व्यतीत हो जाता है, जिससे दैनिक जीवन और रोजगार भी प्रभावित हो रहा है। कई बार प्रशासन को समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और अंततः उन्हें चक्का जाम का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मांग की कि अधूरे जलाशय निर्माण कार्य को तत्काल युद्धस्तर पर पूरा किया जाए तथा गांव में नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

इस मुद्दे पर पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने भी ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ग्राम पठाखुर्द की पेयजल समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन कार्य हेतु 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कराई थी तथा क्षेत्र में कई हैंडपंप भी स्थापित कराए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार और प्रशासन की लापरवाही के कारण ग्रामीण आज भी पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हर्ष यादव ने शासन और प्रशासन से मांग की कि जलाशय निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए और ग्रामीणों को तत्काल राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत समस्या का समाधान समय पर नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।

चक्का जाम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा मौजूद रहे। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी तैनात रहे ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और जलाशय निर्माण पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे और समस्या के स्थायी समाधान तक संघर्ष जारी रखेंगे।

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    Rashel Kachwah Rajput

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