बीना में औद्योगिक विकास को मिली नई गति: कलेक्टर प्रतिभा पाल ने रिफाइनरी विस्तार और प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों की समीक्षा की

बीना: सागर जिले में औद्योगिक विकास को नई गति देने, निवेश को आकर्षित करने और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीना रिफाइनरी) की विस्तार परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बीना रिफाइनरी परिसर में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर प्रतिभा पाल ने की। बैठक में जिले के वर्तमान और प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, भूमि उपलब्धता, जल और विद्युत आपूर्ति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक प्रतुल चंद्र सिन्हा ने जिले में संचालित औद्योगिक गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि सागर जिले के सिदगुवां औद्योगिक क्षेत्र और आईआईडी बीना औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही मासवासी ग्रांट (तहसील सागर) और करमपुर (तहसील खुरई) में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की प्रक्रिया भी जारी है। इन क्षेत्रों को भविष्य के बड़े निवेश केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

बैठक में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए पानी की उपलब्धता को सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मासवासी ग्रांट औद्योगिक क्षेत्र के लिए भविष्य में लगभग 100 एमएलडी जल की आवश्यकता होगी, जबकि करमपुर और छेवला देवरी क्षेत्रों के लिए 3-3 एमएलडी जल की जरूरत पड़ेगी। इस पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जल संसाधन विभाग और जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तत्काल जल उपलब्धता का आकलन कर जल आवंटन की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करें ताकि उद्योगों को भविष्य में पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।

ये भी पढ़े – सागर के एएसपी लोकेश कुमार सिन्हा को ‘रुस्तमजी पुरस्कार 2024’: उत्कृष्ट पुलिसिंग और नवाचार के लिए मिलेंगे 50 हजार रुपये

औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 232 केवीए और 132 केवीए क्षमता के विद्युत सब-स्टेशनों की आवश्यकता होगी। कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को एमपीआईडीसी के तकनीकी अधिकारियों के साथ संयुक्त सर्वे कर शीघ्र तकनीकी एस्टीमेट तैयार करने और स्वीकृति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। औद्योगिक विकास में सबसे बड़ी बाधा बनने वाले भूमि आवंटन और भूमि हस्तांतरण के मामलों की भी बैठक में विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मासवासी ग्रांट, करमपुर और छेवला देवरी से जुड़े सभी लंबित भूमि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं में भूमि संबंधी कारणों से किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एमपीआईडीसी ने जिले में एक विशेष केमिकल जोन विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा। इसके अलावा छेवला देवरी क्षेत्र में अतिरिक्त 50 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों को एमपीआईडीसी अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर उपयुक्त भूमि चिह्नित करने और आवंटन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में बीना रिफाइनरी की विस्तार परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। आगासोद मार्ग के उन्नयन और खिमलासा रेलवे फाटक से संबंधित निर्माण कार्यों पर चर्चा हुई। स्थानीय विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तरीय सीएसआर समिति की बैठक शीघ्र आयोजित की जाए ताकि रिफाइनरी द्वारा किए जा रहे सामाजिक विकास कार्यों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षित युवाओं के रोजगार की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बीना रिफाइनरी प्रबंधन को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं जो सीधे रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े हों तथा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं का अधिकतम प्लेसमेंट सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में क्षेत्र की आधारभूत संरचना और यातायात व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण मांगें सामने आईं। मालथौन से मेलुआ चौराहा तक फोरलेन सड़क निर्माण की मांग पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने तथा रेलवे और लोक निर्माण विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, एसडीएम रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम अमन मिश्रा, उद्योग विभाग की महाप्रबंधक मंदाकिनी पांडे, बीना रिफाइनरी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के.के. दास सहित जिला प्रशासन, राजस्व, विद्युत, जल संसाधन और रिफाइनरी प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ये भी पढ़े – गोपालगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: खेल परिसर मेला ग्राउंड में पत्रकार पर हमला करने वाला आरोपी पकड़ाया

  • bina-refinery-expansion-industrial-development-review-meeting-sagar-collector-pratibha-pal
  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

    14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक, मुख्यमंत्री बोले- इसी सत्र में होगा पारित

    मध्य प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ईरान जंग ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर डाला भारी बोझ, हर मिनट करोड़ों रुपये का खर्च

    ईरान जंग ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर डाला भारी बोझ, हर मिनट करोड़ों रुपये का खर्च

    अलर्ट! ChatGPT पर दिख रहे फर्जी शॉपिंग लिंक, AI पॉइजनिंग का बढ़ता खतरा

    अलर्ट! ChatGPT पर दिख रहे फर्जी शॉपिंग लिंक, AI पॉइजनिंग का बढ़ता खतरा

    विकास परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई पर सख्ती, हाईकोर्ट में पेश हुई नई नीति

    विकास परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई पर सख्ती, हाईकोर्ट में पेश हुई नई नीति

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

    यशस्वी जायसवाल सस्ते में लौटे, दूसरे वनडे में भारत को पहला झटका

    यशस्वी जायसवाल सस्ते में लौटे, दूसरे वनडे में भारत को पहला झटका