
सागर: जिले में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर ग्राहकों को ठगने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने नामी इंजन ऑयल कंपनी Valvoline के नाम पर नकली उत्पाद बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1 लाख 8 हजार 300 रुपये मूल्य का नकली इंजन ऑयल जब्त किया है। मामले में दुकान संचालक के खिलाफ कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानून के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार 2 जून 2026 को वैल्वोलिन कंपनी के अधिकृत असिस्टेंट मैनेजर अजय कुमार पुंडीर ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि सिविल लाइन क्षेत्र में संचालित ड्रिलटेक इंटरप्राइजेज नामक प्रतिष्ठान पर कंपनी के नाम और ब्रांडिंग का दुरुपयोग करते हुए नकली इंजन ऑयल का भंडारण और विक्रय किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाजार में कंपनी के असली उत्पादों की तरह दिखने वाले नकली ऑयल की बिक्री से न केवल उपभोक्ता ठगे जा रहे हैं, बल्कि कंपनी की प्रतिष्ठा और व्यापार को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर ड्रिलटेक इंटरप्राइजेज पर औचक छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान पर मौजूद संचालक निशांत तिवारी, पिता नारायण तिवारी, उम्र 39 वर्ष, निवासी सिविल लाइन, सागर से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि दुकान उनके नाम से संचालित और पंजीकृत है।m छापेमारी के दौरान जब कंपनी के विशेषज्ञों ने दुकान में रखे Valvoline ब्रांड के इंजन ऑयल के डिब्बों और ड्रमों की जांच की तो कई महत्वपूर्ण विसंगतियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि पैकेजिंग पर लिखे गए कई अंग्रेजी शब्दों की वर्तनी गलत थी। इसके अलावा कंटेनरों पर अंकित कंपनी की वेबसाइट और कस्टमर केयर नंबर भी फर्जी पाए गए। हालांकि बाहरी पैकेजिंग और डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया था कि सामान्य ग्राहक उसे असली उत्पाद समझकर आसानी से खरीद ले।
पुलिस ने मौके से छह भरे हुए और तीन खाली ऑयल ड्रम जब्त किए। जब्त किए गए माल की कुल अनुमानित कीमत 1 लाख 8 हजार 300 रुपये आंकी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ब्रांड की नकल कर बाजार में नकली उत्पाद उतारे जा रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ कंपनी को भी आर्थिक नुकसान हो रहा था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 174/2026 दर्ज करते हुए आरोपी निशांत तिवारी के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 तथा ट्रेडमार्क अधिनियम की धारा 103 और 104 के तहत मामला कायम किया है। चूंकि दर्ज धाराएं जमानती प्रकृति की हैं, इसलिए आरोपी को वैधानिक नोटिस देकर फिलहाल रिहा कर दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली इंजन ऑयल की सप्लाई कहां से हो रही थी और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर के नेतृत्व में उप निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक फूलसिंह, महिला आरक्षक प्रीति मिश्रा, आरक्षक आशीष तिवारी और आरक्षक नीरज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मामलों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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