
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की प्रसिद्ध सर शादी लाल डिस्टिलरी के अचानक बंद होने और कर्मचारियों के करोड़ों रुपये के बकाया भुगतान का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। वेतन और अन्य फंड न मिलने से नाराज सैकड़ों मजदूरों, सप्लायरों और ठेकेदारों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। शनिवार रात डिस्टिलरी मजदूर यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने डिस्टिलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) प्रभात स्वरूप की जानसठ रोड स्थित कोठी का घेराव किया और उसके बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए अपने हक की आवाज बुलंद की।
डिस्टिलरी मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों और आंदोलनकारी श्रमिकों ने प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अक्टूबर 2024 में फैक्ट्री प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना, कानूनी प्रक्रिया या क्लोजर नोटिस के अचानक डिस्टिलरी को पूरी तरह बंद कर दिया था। इस तालाबंदी के बाद से ही फैक्ट्री में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों का वेतन, ग्रेच्युटी, ओवरटाइम और भविष्य निधि (पीएफ) का भुगतान अधर में लटका हुआ है। यूनियन नेताओं के मुताबिक फैक्ट्री बंद होने के कारण क्षेत्र के लगभग 1500 परिवारों की रोजी-रोटी पूरी तरह छिन गई है, जबकि कर्मचारियों का करीब 15 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बकाया भुगतान आज तक नहीं किया गया है। लंबे समय से आर्थिक तंगी झेल रहे इन परिवारों के सामने अब भुखमरी और जीवनयापन का एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष से वेतन न मिलने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पूरी तरह ठप हो रही है। कई कर्मचारी परिवार कर्ज के गहरे दलदल में डूब चुके हैं और उन्हें गंभीर सामाजिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। श्रमिकों ने यह दर्दनाक दावा भी किया कि इस लंबे आर्थिक अभाव और मानसिक तनाव को न झेल पाने के कारण कई कर्मचारियों की असमय मौत भी हो चुकी है। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई बार स्थानीय जिला प्रशासन और श्रम विभाग के दरवाजे खटखटाए, जहां अधिकारियों की मौजूदगी में प्रबंधन के साथ बैठकें भी हुईं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इसके बाद कर्मचारियों ने फैक्ट्री परिसर में लगातार 43 दिनों तक शांतिपूर्ण धरना भी दिया और विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन सौंपे, लेकिन इसके बावजूद उनकी जायज मांगों पर अब तक कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई।
शनिवार रात एमडी आवास के बाहर हुए इस उग्र प्रदर्शन के बाद मजदूर यूनियन ने प्रबंधन और प्रशासन को अंतिम अल्टीमेटम दे दिया है। यूनियन पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके बकाया भुगतान को लेकर जल्द ही कोई ठोस और समयबद्ध समाधान नहीं निकाला गया, तो आगामी 10 जून से सभी कर्मचारी अपने पूरे परिवार, महिलाओं और बच्चों के साथ फैक्ट्री मालिकों के आवास के बाहर ही डेरा डाल देंगे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। इस संबंध में यूनियन ने मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी (डीएम) को एक पत्र सौंपकर आगामी प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर इस मानवीय और आर्थिक समस्या का शीघ्र समाधान कराने की अपील की गई है। मजदूरों का कहना है कि अब उनका यह संघर्ष अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुका है और वे अपने हक की इस लड़ाई को इसके अंतिम परिणाम तक जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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