
देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों के भविष्य से जुड़ा एक ऐसा सच, जिसे सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। जी हां, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE के 12वीं के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन इन नतीजों के पीछे एक ऐसा खेल खेला गया है जिसने देश के शिक्षा तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
आज हमारा सीधा सवाल है—”CBSE का खेल… कौन जाएगा जेल?”
किताबें वही हैं, पाठ्यक्रम वही है, लेकिन रातों-रात नियम बदल दिए गए! सीबीएसई ने इस बार परीक्षा और मूल्यांकन के नियमों में जो गुपचुप बदलाव किए हैं, उसने मेधावी छात्रों के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया है। आखिर क्यों बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टता के नियमों को इस तरह बदला गया कि छात्र असमंजस में आ गए?
क्या यह सिर्फ एक प्रशासनिक लापरवाही है, या इसके पीछे कोई बहुत बड़ा घोटाला छिपा है? जब साल भर बच्चे पुरानी पद्धतियों से पढ़ते रहे, तो ऐन वक्त पर नए नियमों का यह जाल किसके इशारे पर बुना गया?
सवाल ?
नंबर 1: जब पाठ्यक्रम और किताबें नहीं बदलीं, तो परीक्षा के ऐन वक्त पर नियमों को बदलने का क्या औचित्य था?
नंबर 2: क्या सीबीएसई के इस मनमाने रवैये के कारण हजारों छात्रों का करियर दांव पर नहीं लग गया?
नंबर 3: इस पूरे नीतिगत खिलवाड़ के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है? इसकी जवाबदेही किसकी है और कानूनन ‘कौन जाएगा जेल?’
यह सिर्फ कुछ प्रतिशत अंकों का हेरफेर नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ‘ब्रांडवानी समाचार’ सीबीएसई प्रशासन और शिक्षा मंत्रालय से यह मांग करता है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। छात्रों के भविष्य से खेलने वाले इन चेहरों को बेनकाब करना बेहद जरूरी है।
इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? क्या आपको भी लगता है कि सीबीएसई के इन नए नियमों से छात्रों का नुकसान हुआ है? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
देश और दुनिया की तमाम बड़ी और निष्पक्ष खबरों के लिए देखते रहिए ‘ब्रांडवानी समाचार’। धन्यवाद।
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