
प्रदेश के एक बड़े जिले में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए करीब 450 पेटी अवैध शराब जब्त की। कार्रवाई को विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन के भीतर समन्वय को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान जिला कलेक्टर को पहले से इसकी जानकारी नहीं होने की चर्चा है। यही कारण है कि आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की कमी को लेकर विभिन्न तरह की बातें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि इस अभियान में विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर कार्रवाई को सफल बनाया, जिससे बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की जा सकी।
इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि पूरी टीम ने लंबे समय तक अभियान चलाकर अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कदम उठाए। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। वहीं, प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भविष्य में ऐसे मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की सूचना संबंधी कमी न रहे।
फिलहाल इस कार्रवाई ने जिले में अवैध शराब कारोबार को लेकर सख्त संदेश दिया है। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि इसी तरह नियमित अभियान जारी रहे तो अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव होगी और कानून व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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