
मध्य प्रदेश में बिजली की दरों को लेकर एक बार फिर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी है। राज्य की बिजली वितरण कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 10.19 प्रतिशत टैरिफ बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग यानी MPERC ने इस प्रस्ताव से कम बढ़ोतरी मंजूर की। आयोग के मौजूदा टैरिफ आदेश के अनुसार 2026-27 में औसत बिजली दरों में 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की गई है।
10 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग क्यों उठी?
मध्य प्रदेश की तीनों प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टैरिफ में 10.19 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की थी। डिस्कॉम ने अपने राजस्व और खर्च के अंतर को देखते हुए यह प्रस्ताव MPERC के सामने रखा था। आयोग ने इस प्रस्ताव पर सुनवाई और समीक्षा के बाद अंतिम टैरिफ तय किया।
रिपोर्टों के मुताबिक डिस्कॉम ने करीब 6,044 करोड़ रुपये के राजस्व अंतर का हवाला दिया था। बिजली कंपनियों की ओर से टैरिफ बढ़ाने की मांग ऐसे समय में आई थी, जब बिजली उत्पादन लागत और वितरण व्यवस्था से जुड़े खर्चों पर भी चर्चा हो रही थी।
हालांकि, 10.19 प्रतिशत की पूरी बढ़ोतरी को मंजूरी नहीं मिली। MPERC के अंतिम आदेश में औसत टैरिफ बढ़ोतरी 4.8 प्रतिशत रखी गई। इसलिए फिलहाल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को सभी घरेलू उपभोक्ताओं पर लागू नई दर मानना सही नहीं होगा।
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उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर क्या असर पड़ेगा?
नई टैरिफ व्यवस्था में अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणियों और बिजली खपत के आधार पर असर अलग हो सकता है। कुछ श्रेणियों में ऊर्जा शुल्क के साथ फिक्स्ड चार्ज में भी बदलाव किया गया है। 2026-27 के टैरिफ शेड्यूल में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग खपत स्लैब के अनुसार दरें निर्धारित हैं।
इसके अलावा टाइम ऑफ डे यानी TOD टैरिफ व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। शाम के पीक समय में बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर दरों का असर अलग हो सकता है। वहीं कुछ समय में बिजली खपत को शिफ्ट करने पर राहत का प्रावधान भी किया गया है।
इसलिए हर उपभोक्ता के बिल में समान प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं होगी। वास्तविक असर मासिक खपत, कनेक्शन की श्रेणी, स्वीकृत लोड और लागू टैरिफ पर निर्भर करेगा।
2 करोड़ उपभोक्ताओं पर कितना असर?
मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या होने के कारण टैरिफ में बदलाव का व्यापक असर पड़ता है। हालांकि, 2 करोड़ उपभोक्ताओं पर सीधे 10 प्रतिशत बढ़ोतरी लागू होने की बात को आधिकारिक आंकड़े के बिना निश्चित तथ्य के रूप में नहीं लिखना चाहिए।
MPERC का 2026-27 का टैरिफ आदेश तीनों प्रमुख डिस्कॉम के लिए लागू है। उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल में लागू स्लैब और शुल्क के आधार पर वास्तविक बदलाव देखना चाहिए।
मध्य प्रदेश में बिजली दरों को लेकर 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की चर्चा दरअसल डिस्कॉम की 10.19 प्रतिशत प्रस्तावित बढ़ोतरी से जुड़ी है। MPERC ने इस मांग को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत 4.8 प्रतिशत टैरिफ बढ़ोतरी मंजूर की। इसलिए उपभोक्ताओं को वायरल दावों के बजाय MPERC के आधिकारिक टैरिफ आदेश के आधार पर अपने बिल में बदलाव देखना चाहिए।
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