
सतना/ राजकुमार बजाज: जलज त्रिमूर्ति कॉलेज में परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। कॉलेज प्रशासन पर आरोप है कि विद्यार्थियों को परीक्षा की गलत तारीख की जानकारी दी गई, जिसके चलते 22 छात्राएं परीक्षा से वंचित रह गईं। घटना के बाद छात्राओं और उनके अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली। इसी बीच मामले से जुड़े तनाव के दौरान एक छात्र द्वारा जहरीला पदार्थ खा लेने की घटना भी सामने आई। हालांकि समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई।
14 अगस्त बताई तारीख, 13 अगस्त को करा दी परीक्षा
प्रभावित छात्राओं का आरोप है कि उन्हें कॉलेज की ओर से परीक्षा की तारीख 14 अगस्त बताई गई थी। छात्राएं इसी तारीख के अनुसार परीक्षा की तैयारी कर रही थीं, लेकिन परीक्षा 13 अगस्त को ही आयोजित कर ली गई।
छात्राओं का कहना है कि परीक्षा की तारीख में बदलाव किए जाने की जानकारी उन्हें समय रहते नहीं दी गई। इसके चलते वे निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सकीं और परीक्षा से वंचित हो गईं।
नोटिस बोर्ड पर सूचना नहीं लगाने का आरोप
छात्राओं के मुताबिक परीक्षा की तारीख में बदलाव से संबंधित कोई स्पष्ट लिखित सूचना कॉलेज के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित नहीं की गई थी। ऐसे में विद्यार्थियों के बीच परीक्षा की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही।
छात्राओं का कहना है कि यदि तारीख बदलने की जानकारी समय पर और स्पष्ट तरीके से दी जाती तो वे परीक्षा में शामिल हो सकती थीं। इस मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
परीक्षा शुरू होने के बाद WhatsApp पर आया संदेश
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि कॉलेज के WhatsApp ग्रुप में परीक्षा शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद विद्यार्थियों को कॉलेज पहुंचकर परीक्षा में शामिल होने का संदेश भेजा गया।
छात्राओं के अनुसार, जब तक यह संदेश मिला और वे कॉलेज पहुंचने की कोशिश करतीं, तब तक काफी समय बीत चुका था। कई छात्राएं निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाईं।
हंगामे के बाद कॉलेज पहुंची छात्राएं और परिजन
परीक्षा से वंचित होने के बाद प्रभावित छात्राएं और उनके परिजन कॉलेज पहुंचे और अपनी नाराजगी जताई। मामले को लेकर कॉलेज में काफी हंगामा हुआ। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने प्रभावित विद्यार्थियों से लिखित आवेदन लिया।
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, विद्यार्थियों के आवेदन अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा को भेज दिए गए हैं। विश्वविद्यालय से प्रभावित विद्यार्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कराने का अनुरोध किया गया है।
19 अगस्त तक फैसले का इंतजार
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि मामले में विश्वविद्यालय की ओर से 19 अगस्त तक निर्णय आने की संभावना है। अब प्रभावित 22 विद्यार्थियों की नजर विश्वविद्यालय के फैसले पर टिकी है।
छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि विश्वविद्यालय मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द दोबारा परीक्षा आयोजित कराए, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष खराब न हो।
परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में तारीख की सूचना को लेकर सामने आई इस अव्यवस्था ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि परीक्षा की तारीख में बदलाव किया गया था, तो विद्यार्थियों को इसकी जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई?
वहीं, परीक्षा शुरू होने के बाद WhatsApp के जरिए सूचना भेजे जाने को लेकर भी छात्राएं सवाल उठा रही हैं। फिलहाल मामले में अंतिम निर्णय APS विश्वविद्यालय को लेना है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रभावित विद्यार्थियों के हित में क्या फैसला करता है और क्या उन्हें दोबारा परीक्षा का मौका मिलता है।
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