टीकमगढ़ में बारिश का कहर, पुल और पुलियाओं पर उफनता पानी, कई रास्ते बंद

सार:

टीकमगढ़/ धर्मेंद्र सिंह लोधी: टीकमगढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नालों और पुल-पुलियाओं में जलस्तर बढ़ गया है। हालात का जायजा लेने कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय और पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने गुरुवार को कई जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। कई स्थानों पर तेज जलप्रवाह के कारण आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है।

विस्तार:

टीकमगढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और पुल-पुलियाओं के ऊपर से पानी बहने के चलते कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।

गुरुवार, 27 अगस्त को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय और पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने जिले के अलग-अलग जलभराव वाले क्षेत्रों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने हीरानगर बावरी पुल सहित कई संवेदनशील स्थानों पर पहुंचकर पानी के बहाव और जलभराव की स्थिति का जायजा लिया।

दिगौड़ा के पास दो फीट ऊपर बह रहा पानी

टीकमगढ़-झांसी मार्ग पर दिगौड़ा के पास पुनोल नाला और दिगौड़ा बस्ती के सरपट नाला में लगातार बारिश के कारण पानी का स्तर बढ़ गया है। प्रशासन के मुताबिक यहां नाले का पानी करीब दो फीट ऊपर से बह रहा है।

कलेक्टर और एसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यहां पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से प्रशिक्षित युवा आपदा मित्रों को भी मौके पर तैनात किया गया है।

आपदा मित्रों की तैनाती का उद्देश्य बारिश और जलभराव की स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखने तथा जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन की मदद करना है।

कई पुल-पुलियाओं पर आवागमन बंद

लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में पुल-पुलियाओं के ऊपर पानी आ गया है। अश्टौन चौकी क्षेत्र के नचनवारा पुलिया पर पानी ऊपर आने के बाद प्रशासन ने यहां आवागमन बंद कर दिया है।

इसी तरह देहात थाना क्षेत्र के हीरानगर के पास स्थित पुलिया पर भी जलभराव के कारण रास्ता बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने हीरानगर बावरी पुल का भी निरीक्षण किया और वहां पानी की स्थिति का जायजा लिया।

लिधोराखास और इकबालपुरा-मड़ियांव घाट में भी खतरा

लिधोराखास क्षेत्र में पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। वहीं इकबालपुरा-मड़ियांव घाट पुल पर पानी पुल से करीब एक फीट ऊपर बहने की सूचना है।

तेज जलप्रवाह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यहां आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। लोगों को ऐसे रास्तों से दूर रहने और वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा खरों-महेवा चक्र रोड स्थित नाले और महेवा चक्र-03 कटेरा रोड स्थित सुखनई नदी पुल के ऊपर से भी तेज बहाव के साथ पानी निकलने की सूचना सामने आई है।

प्रशासन ने सभी विभागों को किया अलर्ट

जलभराव और अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय और एसपी सुधीर अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों को कहा गया है कि जहां भी तेज जलप्रवाह या जलभराव की स्थिति बनती है, वहां जरूरत पड़ने पर तत्काल आवागमन प्रतिबंधित किया जाए। इसके लिए प्रशासनिक और पुलिस अमले को मौके की स्थिति के अनुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।

संबंधित एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, राजस्व अधिकारी, पटवारी, पंचायत अमला, पीडब्ल्यूडी, एनएच और पीएमजीएसवाई सहित अन्य संबंधित एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

SDRF और NDRF को भी अलर्ट रहने के निर्देश

बारिश के कारण किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर के बीच किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जलप्रवाह की स्थिति लगातार बदल सकती है। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर तैनात पुलिस बल और आपदा मित्रों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

लोगों से पुल और नदी-नालों से दूर रहने की अपील

प्रशासन ने जिले के नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि जलभराव वाले पुल-पुलियाओं और नदी-नालों को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें।

तेज बहाव वाले पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है और थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए लोगों को प्रशासन और पुलिस द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और आवश्यकता होने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों पर जाने से रोकने की सलाह दी गई है।

फिलहाल टीकमगढ़ जिले में लगातार बारिश के चलते प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कलेक्टर और एसपी के निरीक्षण के बाद संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। जहां पानी का बहाव खतरनाक स्तर पर पहुंचा है, वहां आवागमन रोक दिया गया है। प्रशासन का फोकस अब लोगों की सुरक्षा, सतत निगरानी और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने पर है।

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