
भोपाल। मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित MP Travel Mart 2026 में हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। 7 से 10 अक्टूबर तक भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में हुए आयोजन में 34 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों समेत 600 से ज्यादा पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान 10,263 बी2बी बैठकें हुईं और करीब 385.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 3,700 करोड़ रुपये के प्रस्ताव सामने आने की जानकारी दी गई है।
सीहोर से वन्यजीव पर्यटन तक बड़े निवेश प्रस्ताव
ट्रैवल मार्ट में होटल, रिसॉर्ट, वेलनेस, गोल्फ, वन्यजीव और हेरिटेज पर्यटन से जुड़े कई बड़े प्रस्ताव रखे गए। सीहोर के रामगढ़ में एआरएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने करीब 848 करोड़ रुपये के निवेश की योजना रखी है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लग्जरी होटल विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे 920 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।
इसके अलावा बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा के आसपास वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित करने के लिए करीब 520 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव सामने आया। उज्जैन, इंदौर और अन्य पर्यटन क्षेत्रों में भी होटल और रिसॉर्ट परियोजनाओं की योजनाएं रखी गईं।
मांडू, ओंकारेश्वर और खजुराहो पर भी फोकस
ट्रैवल मार्ट में प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। मांडू की करीब 350 साल पुरानी लुनेरा सराय को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं ओंकारेश्वर में रामाडा रिसॉर्ट विकसित करने की योजना भी सामने आई।
खजुराहो के आसपास वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट, उज्जैन में होटल और वन्यजीव क्षेत्रों में टिकाऊ पर्यटन परियोजनाओं पर भी निवेश प्रस्ताव रखे गए। ओरछा और पन्ना में भी पर्यटन परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड दिए गए हैं।
34 देशों के प्रतिनिधियों ने की 10 हजार से ज्यादा बैठकें
इस बार ट्रैवल मार्ट में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पिछले आयोजन की तुलना में बढ़ी। 34 देशों से आए प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के पर्यटन कारोबारियों और सेवा प्रदाताओं के साथ बैठकें कीं। कुल 10,263 बी2बी बैठकें दर्ज की गईं, जो पिछले वर्ष की करीब 9 हजार बैठकों से लगभग 14 प्रतिशत अधिक हैं।
कार्यक्रम में होटल कारोबारियों के साथ ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, हस्तशिल्प, साहसिक पर्यटन और फिल्म पर्यटन से जुड़े लोगों को भी जोड़ा गया। 177 स्टॉल वाली प्रदर्शनी में बाघ प्रिंट, चंदेरी वस्त्र, भील कला और अन्य स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
पर्यटन को डिजिटल तकनीक और स्थानीय रोजगार से जोड़ने की तैयारी
ट्रैवल मार्ट में पर्यटन को तकनीक से जोड़ने की योजनाएं भी सामने आईं। 100 पर्यटन स्थलों पर करीब एक हजार क्यूआर आधारित सूचना बोर्ड लगाने की योजना है। ग्रामीण होमस्टे को डिजिटल बुकिंग व्यवस्था से जोड़ने और पर्यटकों के लिए बहुभाषी सहायता उपलब्ध कराने पर भी काम किया जा रहा है।
प्रदेश में फिल्म पर्यटन, साहसिक पर्यटन और पर्यटक वाहन चालकों के प्रशिक्षण को लेकर भी समझौते हुए हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, सरकार बड़े निवेशकों के साथ स्थानीय उद्यमियों, ग्रामीण समुदायों और होमस्टे संचालकों के लिए भी अवसर बढ़ाने पर जोर दे रही है।
MP Travel Mart 2026 में सामने आए प्रस्ताव मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में होटल, वन्यजीव, हेरिटेज, ग्रामीण और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाते हैं। यदि ये प्रस्ताव योजनानुसार जमीन पर उतरते हैं, तो आने वाले वर्षों में पर्यटन ढांचे के साथ स्थानीय रोजगार और कारोबार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।







