Meta का बड़ा फैसला: बच्चों के लिए रात 12 से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगे Instagram और facebook

सार:

बच्चों और किशोरों की सोशल मीडिया आदतों को लेकर Meta ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अमेरिकी राज्यों के साथ हुए समझौते के तहत Instagram और Facebook पर नाबालिग यूजर्स के लिए कई नई पाबंदियां लागू करने पर सहमति जताई है। इनमें रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप्स का डिफॉल्ट ब्लॉक, रोजाना दो घंटे की समय सीमा और स्कूल के समय नोटिफिकेशन बंद करने जैसे नियम शामिल हैं। ये बदलाव फिलहाल अमेरिका के संबंधित राज्यों और क्षेत्रों में लागू होने हैं और न्यायिक मंजूरी के अधीन हैं। 

विस्तार:

सोशल मीडिया पर बच्चों और किशोरों की बढ़ती निर्भरता को लेकर दुनिया भर में बहस तेज है। इसी बीच Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी Meta ने नाबालिग यूजर्स की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। नए नियमों के तहत 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल का समय सीमित किया जाएगा और रात के समय ऐप्स का इस्तेमाल पूरी तरह रोकने की व्यवस्था की जाएगी।

Meta ने 26 अगस्त 2026 को अमेरिकी राज्यों, क्षेत्रों और District of Columbia के 52 अटॉर्नी जनरल के साथ हुए समझौते की जानकारी दी। कंपनी के मुताबिक, इन नए सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए न्यायिक मंजूरी जरूरी है। मंजूरी मिलने के बाद संबंधित अमेरिकी राज्यों और क्षेत्रों में ये सुरक्षा उपाय नाबालिग यूजर्स पर स्वतः लागू होंगे।

रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं चलेगा Instagram-Facebook

नए नियमों में सबसे ज्यादा चर्चा Night Mode की हो रही है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए Instagram और Facebook को रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक डिफॉल्ट रूप से ब्लॉक किया जाएगा।

इस अवधि में किशोर अपने Feed, Stories, Explore या Reels को देख नहीं सकेंगे और न ही इन प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर सकेंगे। यानी रात के छह घंटे सोशल मीडिया से पूरी तरह डिजिटल ब्रेक के तौर पर निर्धारित किए जाएंगे।

हालांकि, Direct Messages को Night Mode से बाहर रखा गया है, ताकि किशोर रात में भी दोस्तों और परिवार के साथ जरूरी संपर्क बनाए रख सकें।

रोजाना सिर्फ दो घंटे सोशल मीडिया इस्तेमाल

Meta ने किशोरों के लिए रोजाना दो घंटे की डिफॉल्ट समय सीमा तय करने पर भी सहमति जताई है। यह सीमा Facebook और Instagram दोनों पर मिलाकर लागू होगी।

मतलब अगर कोई किशोर एक घंटे Instagram चलाता है और एक घंटे Facebook इस्तेमाल करता है तो उसका कुल दो घंटे का समय पूरा माना जाएगा। यह सीमा माता-पिता की अनुमति के बिना बंद नहीं की जा सकेगी। Meta के अनुसार, अगर किसी यूजर के कई अकाउंट होने का पता चलता है तो समय सीमा को वहां भी लागू करने की कोशिश की जाएगी।

हर 15 मिनट में मिलेगा स्क्रीन टाइम रिमाइंडर

सोशल मीडिया इस्तेमाल को कम करने के लिए किशोरों को हर 15 मिनट के लगातार इस्तेमाल के बाद एक रिमाइंडर भी दिया जाएगा। इसके अलावा 60 मिनट और 90 मिनट का कुल दैनिक उपयोग पूरा होने पर भी उन्हें स्क्रीन टाइम के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसका उद्देश्य किशोरों को यह एहसास कराना है कि वे लगातार कितने समय से सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें समय रहते ब्रेक लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

स्कूल के समय नोटिफिकेशन भी होंगे बंद

Meta ने स्कूल टाइम के दौरान भी सोशल मीडिया की गतिविधियों को कम करने की व्यवस्था की है। नए नियमों के तहत सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक Instagram और Facebook के Push Notifications डिफॉल्ट रूप से म्यूट रहेंगे।

हालांकि Direct Messages और अकाउंट की सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे। इसका उद्देश्य पढ़ाई के दौरान बार-बार आने वाले सोशल मीडिया नोटिफिकेशन से होने वाले ध्यान भटकाव को कम करना है।

Like और Reaction की संख्या भी छिपेगी

नाबालिग यूजर्स के लिए Instagram और Facebook पर पोस्ट के Like और Reaction की संख्या भी डिफॉल्ट रूप से छिपाई जाएगी।

इस बदलाव का उद्देश्य किशोरों पर सोशल मीडिया लोकप्रियता और दूसरे लोगों की प्रतिक्रिया का दबाव कम करना है। यानी यूजर्स को यह संख्या दिखाई नहीं देगी कि किसी पोस्ट पर कितने Likes या Reactions आए हैं।

Autoplay बंद करने का विकल्प

Meta किशोरों को Autoplay बंद करने की सुविधा भी देगा। इसका मतलब यह है कि वीडियो या अन्य कंटेंट अपने आप लगातार चलने के बजाय यूजर को अगला कंटेंट देखने के लिए खुद Tap या Swipe करना होगा।

कंपनी के मुताबिक, यह बदलाव यूजर्स को बिना सोचे लगातार स्क्रॉल करते रहने के बजाय कंटेंट देखने का फैसला जानबूझकर लेने के लिए प्रेरित कर सकता है। 

AI से उम्र की पहचान और मजबूत होगी

Meta नाबालिगों की पहचान के लिए अपनी Age Assurance Technology को भी मजबूत कर रहा है। कंपनी का कहना है कि वह ऐसे अकाउंट की पहचान करने की कोशिश करेगी, जिनकी उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच हो सकती है, भले ही अकाउंट में वयस्क जन्मतिथि दर्ज की गई हो।

Meta पहले से AI के जरिए प्रोफाइल से मिलने वाले अलग-अलग संकेतों का इस्तेमाल करता है। इनमें पोस्ट, कमेंट, बायो और कैप्शन जैसी जानकारियां शामिल हो सकती हैं। कंपनी ने यह भी बताया है कि उम्र का अनुमान लगाने के लिए फोटो और वीडियो में दिखाई देने वाले सामान्य दृश्य संकेतों का इस्तेमाल करने वाली तकनीक को भी बढ़ाया जा रहा है।

माता-पिता को मिलेंगे ज्यादा कंट्रोल

नए नियमों में माता-पिता की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है। Parents को अपने किशोर बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर ज्यादा नियंत्रण और जानकारी देने की व्यवस्था की जाएगी।

Meta के अनुसार, माता-पिता को सेकेंडरी अकाउंट लिंक किए जाने जैसी गतिविधियों की जानकारी मिल सकती है। संभावित संदिग्ध अकाउंट से बातचीत और सुरक्षा सेटिंग्स में बदलाव की कोशिशों को लेकर भी उन्हें अलर्ट किया जा सकता है।

TikTok और YouTube को भी साथ आने की अपील

Meta ने केवल Instagram और Facebook तक सीमित रहने के बजाय TikTok और YouTube जैसी दूसरी बड़ी प्लेटफॉर्म कंपनियों से भी इसी तरह के सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।

कंपनी का तर्क है कि अगर किसी एक ऐप पर किशोरों का स्क्रीन टाइम सीमित किया जाता है, तो वे दूसरे प्लेटफॉर्म पर जा सकते हैं। इसलिए बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समान मानक जरूरी हैं।

क्या भारत में भी अभी रात 12 से 6 बजे तक बंद होगा Instagram-Facebook?

रात 12 बजे से सुबह 6 बजे का ब्लॉक और दो घंटे की डेली लिमिट फिलहाल अमेरिकी राज्यों और संबंधित क्षेत्रों में हुए समझौते का हिस्सा है, और इसे लागू होने के लिए न्यायिक मंजूरी भी जरूरी है। इसे अभी भारत में लागू नया नियम नहीं माना जाना चाहिए।

भारत में Meta पहले से Teen Accounts, 13+ कंटेंट सेटिंग्स, AI आधारित Age Assurance और Parental Supervision जैसे कई सुरक्षा उपायों पर काम कर रहा है। Meta ने जून 2026 में बताया था कि 13+ कंटेंट सेटिंग्स को Instagram, Facebook और Messenger Teen Accounts पर वैश्विक स्तर पर रोल आउट किया जा रहा है और भारत में भी ये सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं।

यानी फिलहाल यह खबर खास तौर पर अमेरिका में नाबालिग यूजर्स के लिए प्रस्तावित नए नियमों से जुड़ी है। लेकिन इसका असर व्यापक हो सकता है, क्योंकि Meta इन उपायों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा के लिए नए मानक के रूप में पेश कर रहा है।

Meta का यह कदम बच्चों और किशोरों के बढ़ते सोशल मीडिया इस्तेमाल को नियंत्रित करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। रात में ऐप ब्लॉक करने से लेकर रोजाना दो घंटे की सीमा, स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन बंद करने और उम्र की पहचान मजबूत करने तक कई बदलाव किए जा रहे हैं। हालांकि, इन नियमों की वास्तविक प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन्हें किस तरह लागू और मॉनिटर किया जाता है।

ये भी पढ़े: अमेरिका का बड़ा फैसला: दुनियाभर में वीजा अपॉइंटमेंट पर लगी रोक, ट्रंप प्रशासन ने शुरू किया इमिग्रेशन क्रैकडाउन

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  • Manisha Gupta

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