रक्षाबंधन पर फिर छलका श्वेता का दर्द, सुशांत को याद कर बोलीं- काश एक बार फिर साथ बैठ पाते

सार:

रक्षाबंधन के मौके पर दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भाई को भावुक अंदाज में याद किया। उन्होंने बचपन की तस्वीरों के साथ भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ी यादें साझा कीं और बताया कि बचपन में सुशांत के साथ खिलौने और मिठाइयां बांटना उनके लिए खास था। पोस्ट में श्वेता ने उस रिश्ते की मासूम यादों को याद करते हुए सुशांत को दोबारा पाने की भावनात्मक इच्छा भी जताई।  

विस्तार:

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते, प्यार और बचपन की यादों को ताजा करने वाला दिन माना जाता है। लेकिन कुछ परिवारों के लिए यही दिन उन अपनों की कमी भी महसूस कराता है, जो अब उनके बीच मौजूद नहीं हैं। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का परिवार भी ऐसे ही भावुक दौर से गुजरता है। रक्षाबंधन 2026 के अवसर पर सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने भाई को याद करते हुए सोशल मीडिया पर बचपन की कुछ तस्वीरें और पुरानी यादें साझा कीं। उनकी पोस्ट में भाई के साथ बिताए बचपन के दिनों की ऐसी छोटी-छोटी बातें सामने आईं, जो उनके रिश्ते की गहराई और अपनापन दिखाती हैं।

श्वेता ने इस मौके पर सुशांत के साथ अपने बचपन को याद किया और बताया कि बचपन में भाई के साथ चीजें बांटने में उन्हें खास खुशी मिलती थी। उन्होंने अपने पसंदीदा खिलौनों का जिक्र करते हुए बताया कि उनके लिए भाई के साथ खेलना और उसे खुश देखना अपने आप में आनंद की बात थी। वहीं, जब बात मिठाइयों की आती थी तो दोनों भाई-बहन के बीच बराबरी का खास ख्याल रखा जाता था।

श्वेता की यह पोस्ट केवल एक सेलिब्रिटी को याद करने वाली पोस्ट नहीं थी, बल्कि इसमें एक बहन की उस व्यक्तिगत भावना की झलक थी, जो अपने भाई के साथ बिताए बचपन के दिनों को आज भी अपने दिल में संजोए हुए है।

श्वेता ने अपने भाई के साथ बचपन की उन यादों को साझा किया, जब दोनों भाई-बहन खिलौनों के साथ समय बिताते थे। उन्होंने बताया कि उनके पास कुछ पसंदीदा खिलौने थे, जिन्हें वह सुशांत के साथ साझा करने में बिल्कुल हिचकिचाती नहीं थीं।

उनकी यादों में एक गुड़िया और छोटा किचन सेट भी शामिल है। ये खिलौने उन्हें उपहार में मिले थे, लेकिन भाई के साथ उन्हें बांटने से उनकी खुशी और बढ़ जाती थी। श्वेता के लिए खिलौनों का महत्व उतना नहीं था, जितना उस खुशी का था जो सुशांत के साथ खेलने में मिलती थी।

बचपन की यही छोटी-छोटी घटनाएं समय गुजरने के बाद बड़ी यादों में बदल जाती हैं। श्वेता की पोस्ट में भी ऐसा ही भाव दिखाई दिया। उन्होंने अपने भाई के साथ बिताए उस दौर को याद किया, जब दोनों के बीच रिश्ते में किसी तरह की औपचारिकता नहीं थी और साथ खेलना, खाना और त्योहार मनाना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था।

श्वेता ने अपनी यादों में एक मजेदार बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि जहां खिलौने भाई के साथ खुशी-खुशी साझा कर लेती थीं, वहीं मिठाइयों के मामले में उनकी सोच थोड़ी अलग थी।

दोनों भाई-बहन को मिठाइयां पसंद थीं और इसलिए श्वेता इस बात को लेकर काफी सतर्क रहती थीं कि किसी को ज्यादा और किसी को कम हिस्सा न मिले। मिठाई बांटने में बराबरी जरूरी थी।

बचपन की यह छोटी-सी आदत आज एक भावुक स्मृति बन गई है। जिस बात पर उस समय भाई-बहन के बीच मजाक या नोकझोंक होती होगी, वही आज श्वेता के लिए सुशांत से जुड़ी अनमोल यादों में शामिल है। उनकी पोस्ट ने यह दिखाया कि किसी अपने के चले जाने के बाद उसके साथ बिताए सामान्य से सामान्य पल भी कितने खास हो जाते हैं।

श्वेता ने जिन तस्वीरों को साझा किया, उनमें सुशांत के बचपन की झलक दिखाई देती है। भाई-बहनों के बीच रक्षाबंधन का त्योहार किस तरह मनाया जाता था, इन तस्वीरों से उसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

सुशांत अपने परिवार में इकलौते भाई थे और उनकी चार बहनें थीं। परिवार के बीच उनका रिश्ता बेहद खास था। इससे पहले भी श्वेता कई मौकों पर सुशांत के बचपन की तस्वीरें और उनके साथ बिताए पलों को सोशल मीडिया पर साझा करती रही हैं।

रक्षाबंधन से जुड़ी पुरानी तस्वीरों में बहनों को सुशांत के साथ त्योहार मनाते देखा गया था। वर्ष 2020 में भी श्वेता ने भाई की बचपन की तस्वीरें साझा करते हुए उन्हें परिवार का गौरव बताया था। उस समय उन्होंने रक्षाबंधन पर भाई को याद करते हुए अपने प्यार और भावनाओं का इजहार किया था।  

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सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद उनके परिवार के लिए त्योहारों का अर्थ बदल गया। 14 जून 2020 को अभिनेता की मृत्यु के बाद उनकी बहनों ने कई मौकों पर सोशल मीडिया के जरिए उन्हें याद किया है। रक्षाबंधन भी ऐसा ही अवसर रहा है, जब परिवार की पुरानी तस्वीरें और यादें सामने आती रही हैं।  

श्वेता इससे पहले भी भाई के साथ अपने बचपन के संबंधों के बारे में विस्तार से लिख चुकी हैं। उन्होंने बताया था कि वह और सुशांत बचपन में काफी समय साथ बिताते थे। दोनों खेलते, पढ़ते और शरारतें करते थे। परिवार में उन्हें प्यार से अलग-अलग नामों से भी बुलाया जाता था। श्वेता ने अपने पुराने संस्मरणों में भाई के बचपन की मासूमियत और परिवार में उसकी खास जगह का जिक्र किया था।

उनके पुराने पोस्ट से यह भी सामने आया था कि सुशांत की बहनों के साथ उनकी बॉन्डिंग बेहद मजबूत थी। रक्षाबंधन जैसे त्योहार उनके परिवार में केवल एक रस्म नहीं बल्कि भाई-बहनों के साथ समय बिताने का अवसर हुआ करते थे।

इस बार की पोस्ट में भी श्वेता की भावनाओं में अपने भाई की कमी साफ महसूस हुई। बचपन की तस्वीरों और यादों को साझा करते हुए उन्होंने उस समय को याद किया, जब सुशांत उनके सामने हुआ करते थे।

उनकी भावुकता का सबसे बड़ा कारण यही है कि आज वे यादें तो हैं, लेकिन सुशांत खुद उनके साथ नहीं हैं। एक बहन के लिए यह अंतर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा पोस्ट की भावनात्मक भाषा से लगाया जा सकता है।

श्वेता ने अपने भाई के साथ बिताए पलों को केवल पुरानी तस्वीरों के तौर पर साझा नहीं किया, बल्कि उन तस्वीरों के पीछे छिपे रिश्ते को भी सामने रखा। खिलौने बांटने से लेकर मिठाई बराबर करने तक की बातें यह बताती हैं कि भाई-बहन का रिश्ता अक्सर बड़ी घटनाओं से नहीं, बल्कि इन्हीं छोटी-छोटी रोजमर्रा की यादों से बनता है।

सुशांत की मौत के बाद श्वेता लगातार सोशल मीडिया पर अपने भाई की यादों को साझा करती रही हैं। वर्ष 2020 के रक्षाबंधन पर भी उन्होंने सुशांत के बचपन की कई तस्वीरें पोस्ट की थीं। उस पोस्ट में उन्होंने भाई को याद करते हुए कहा था कि वह उनके परिवार के लिए हमेशा गर्व बने रहेंगे। 

उनकी बड़ी बहन नीतू सिंह ने भी उस समय सुशांत को लेकर एक भावुक संदेश लिखा था। उन्होंने रक्षाबंधन की पूजा की थाली, राखी और भाई के साथ त्योहार मनाने की पुरानी परंपरा को याद किया था। उस संदेश में परिवार के लिए सुशांत की अनुपस्थिति का दर्द साफ दिखाई दिया था।  

समय बीतने के बावजूद परिवार के लिए सुशांत की यादें खत्म नहीं हुईं। हर साल जन्मदिन, पुण्यतिथि और रक्षाबंधन जैसे मौके उन यादों को फिर सामने ले आते हैं।

सुशांत और श्वेता के रिश्ते की खास बात यह रही कि दोनों ने बचपन का लंबा समय साथ बिताया। श्वेता ने पुराने संस्मरणों में बताया था कि दोनों भाई-बहन एक-दूसरे के काफी करीब थे। साथ खेलने और साथ रहने के कारण परिवार के लोगों को भी दोनों का रिश्ता बेहद खास लगता था।

बचपन में भाई को लेकर श्वेता का सुरक्षात्मक रवैया भी उनके पुराने संस्मरणों में सामने आया था। उन्होंने सुशांत को परिवार में आने वाले छोटे भाई के तौर पर देखा और उसके साथ अपने रिश्ते को बेहद खास माना।

यही कारण है कि आज सुशांत की बचपन की तस्वीरें उनके लिए सिर्फ तस्वीरें नहीं हैं। उनमें उनके जीवन का एक पूरा दौर मौजूद है- वह दौर जब भाई उनके सामने था, दोनों साथ खेलते थे और त्योहार पूरे परिवार के साथ मनाए जाते थे।

सुशांत सिंह राजपूत के प्रशंसकों के लिए भी रक्षाबंधन पर सामने आई तस्वीरें भावुक कर देने वाली हैं। अभिनेता की फिल्मों और सार्वजनिक जीवन के अलावा उनके परिवार से जुड़ी तस्वीरें उनके निजी और सरल व्यक्तित्व की झलक देती हैं।

श्वेता की पोस्ट में जिस तरह खिलौनों और मिठाइयों का जिक्र किया गया, उससे यह भी समझ आता है कि बचपन की यादें कितनी लंबे समय तक मन में बनी रहती हैं। किसी बड़े आयोजन की जगह एक खिलौना, मिठाई का हिस्सा या रक्षाबंधन की तस्वीर भी किसी व्यक्ति की पूरी याद को वापस ला सकती है।

सुशांत के प्रशंसकों के लिए भी उनकी बहन की ऐसी पोस्ट उनके पसंदीदा अभिनेता को एक अलग नजरिए से देखने का मौका देती है। स्क्रीन पर नजर आने वाला अभिनेता यहां एक भाई के रूप में दिखाई देता है- जो अपनी बहन के साथ खिलौने साझा करता था और मिठाइयों के हिस्से को लेकर बराबरी की बहस में शामिल होता था।

श्वेता की इस भावुक पोस्ट के बाद सुशांत के प्रशंसकों के बीच भी पुरानी यादें ताजा हो गईं। इससे पहले भी जब श्वेता ने रक्षाबंधन पर सुशांत की बचपन की तस्वीरें साझा की थीं, तब प्रशंसकों के साथ-साथ फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने भी भावनाएं व्यक्त की थीं। वर्ष 2020 में अभिनेत्री अंकिता लोखंडे ने भी श्वेता की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी।  

रक्षाबंधन जैसे अवसर पर सुशांत की बहन की पोस्ट इसलिए भी चर्चा में आती है क्योंकि अभिनेता का परिवार वर्षों से उनकी यादों को सार्वजनिक रूप से साझा करता रहा है। इससे उनके प्रशंसकों को भी उनके परिवार के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने का अवसर मिलता है।

रक्षाबंधन 2026 पर श्वेता सिंह कीर्ति की पोस्ट का सबसे भावुक पक्ष यही रहा कि इसमें किसी बड़ी फिल्मी उपलब्धि या सुशांत के स्टारडम की बात नहीं थी। केंद्र में था उनका बचपन और भाई-बहन का सामान्य रिश्ता।

एक बहन का अपने भाई के साथ खिलौने बांटना, मिठाई बराबर करना और त्योहार मनाना- ये छोटी घटनाएं आज श्वेता के लिए सबसे कीमती यादों में बदल चुकी हैं। सुशांत अब उनके साथ रक्षाबंधन मनाने के लिए मौजूद नहीं हैं, लेकिन बचपन की तस्वीरें और उन दिनों की स्मृतियां उनके पास हैं।

श्वेता का यह भावुक अंदाज एक बार फिर बताता है कि किसी करीबी को खोने के बाद उसकी मौजूदगी भले खत्म हो जाए, लेकिन उसके साथ बिताया समय मन में बना रहता है। रक्षाबंधन का यह मौका उनके लिए उसी पुराने रिश्ते को याद करने का अवसर बना, जिसमें एक बहन अपने भाई के साथ हर खुशी साझा करती थी- खिलौने भी और मिठाइयां भी, बस मिठाइयों में बराबरी का हिसाब बिल्कुल पक्का था।

 
 
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  • Manisha Gupta

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