
ताशकंद: उज्बेकिस्तान की दो-दिवसीय राजकीय यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज स्थित ‘महात्मा गांधी केंद्र’ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में भारतीय संस्कृति और भाषा का अध्ययन कर रहे शोधकर्ताओं (इंडोलॉजिस्ट्स) और उज्बेक विद्यार्थियों से विस्तृत बातचीत की।
यह संवाद दोनों देशों के बीच सदियों पुराने जीवंत सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक संबंधों को मजबूती देने तथा विशेष रूप से युवाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान में हिंदी भाषा, योग और भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ते रुझान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के शैक्षणिक और शोध संस्थानों के बीच इस तरह के जुड़ाव से भारत-उज्बेकिस्तान के रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे। प्रधानमंत्री ने केंद्र परिसर का भ्रमण करने के बाद विश्वविद्यालय की आधिकारिक ‘विजिटर्स बुक’ (आगंतुक पुस्तिका) में अपने विशेष विचार लिखे और संस्थान द्वारा महात्मा गांधी के विचारों व भारतीय अध्ययन को बढ़ावा देने के प्रयासों को सराहा।
महात्मा गांधी केंद्र के दौरे के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद यात्रा के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। इससे पूर्व, पीएम मोदी ने ताशकंद स्थित शास्त्री मेमोरियल पहुंचकर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहीं उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ कुक्सारोय प्रेसिडेंशियल पैलेस में उन्होंने भारत की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल और उज्बेकिस्तान की ‘यशिल माकोन’ हरित मुहिम के तहत संयुक्त रूप से एक पौधा भी लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उज्बेकिस्तान का उनका चौथा आधिकारिक दौरा है। यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हुई उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता में भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा देने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
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